सीजी भास्कर, 01 जुलाई। रायपुर में चर्चित ड्रग्स मामले को लेकर एक बार फिर हलचल तेज (Drug Case) हो गई है। शहर में इस कार्रवाई को लेकर अलग अलग तरह की चर्चाएं चल रही हैं। लोगों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि अब जांच का दायरा केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन पैसों और संपर्कों की भी परतें खुल सकती हैं जो लंबे समय से पर्दे के पीछे बताए जा रहे थे।
जांच से जुड़े घटनाक्रम पर नजर रखने वालों का कहना है कि मामला अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। इसी बीच प्रवर्तन निदेशालय की एंट्री ने पूरे घटनाक्रम को और गंभीर बना दिया है। माना जा रहा है कि आर्थिक लेनदेन, नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों की कड़ियां अब विस्तार से खंगाली जाएंगी।
आर्थिक लेनदेन और नेटवर्क पर होगी पड़ताल Drug Case
रायपुर में सामने आए चर्चित ड्रग्स मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय ने भी जांच शुरू कर दी है। एजेंसी का फोकस कथित ड्रग्स सिंडिकेट से जुड़े मनी ट्रेल, आर्थिक लेनदेन और पूरे नेटवर्क की जांच पर रहेगा। इसके लिए रायपुर पुलिस से चार्जशीट सहित जांच से जुड़े जरूरी दस्तावेज मांगे गए हैं।
कई कारोबारियों और आयोजकों से जुड़े होने का दावा
पुलिस की चार्जशीट में उल्लेख किया गया है कि आरोपी नाव्या मलिक के संपर्क केवल कथित ड्रग्स तस्करों तक सीमित नहीं थे। जांच में यह भी सामने आया कि शहर के कुछ कारोबारी और इवेंट आयोजकों से भी उसके संबंध बताए गए हैं। पुलिस के मुताबिक दिल्ली से मादक पदार्थ मंगवाकर रायपुर के कई होटल, पब और टेक्नो पार्टियों तक उनकी सप्लाई की जाती थी।
मुंबई से हुई थी गिरफ्तारी
पुलिस जांच के अनुसार नाव्या मलिक का नाम सबसे पहले ड्रग्स तस्करी में पकड़े गए अन्य आरोपियों के बयानों के दौरान सामने आया था। इसके बाद उसे मुंबई से गिरफ्तार किया गया। उस पर आरोप है कि वह निजी आयोजनों और हाईप्रोफाइल पार्टियों में कथित रूप से ड्रग्स उपलब्ध कराती थी और स्वयं भी ऐसे कार्यक्रमों में शामिल रहती थी।
दिल्ली से आती थी कथित खेप
चार्जशीट में दावा किया गया है कि दिल्ली का एक कथित सप्लायर इस पूरे सिंडिकेट को ड्रग्स उपलब्ध (Drug Case) कराता था। गिरफ्तार आरोपी मोनू बिश्नोई ने पूछताछ के दौरान बताया कि वह कई बार ड्रग्स की खेप रायपुर पहुंचा चुका था और हर डिलीवरी के बदले उसे भुगतान मिलता था।
होटल और टेक्नो पार्टियां भी जांच के दायरे में
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि शहर के कुछ होटल, पब और रिसॉर्ट में आयोजित टेक्नो पार्टियों के दौरान कथित रूप से ड्रग्स की सप्लाई की जाती थी। पुलिस ने इस सिलसिले में कई कारोबारियों और इवेंट आयोजकों से पूछताछ की है। हालांकि सभी लोगों को आरोपी नहीं बनाया गया है।
चार्जशीट के मुताबिक कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से ड्रग्स की डिलीवरी लेने और भुगतान करने का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच की गई और सभी संबंधित तथ्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि नाव्या मलिक के मंगेतर अयान परवेज ने कथित रूप से दिल्ली से आने वाली ड्रग्स की खेप की जानकारी पुलिस (Drug Case) को दी थी। पुलिस का दावा है कि इसी सूचना के आधार पर पूरे नेटवर्क तक पहुंचने में मदद मिली। चार्जशीट में अयान के भी कथित रूप से इस नेटवर्क से जुड़े होने का उल्लेख किया गया है। अब प्रवर्तन निदेशालय की जांच के बाद आर्थिक अपराध और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं पर आगे की कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।



