सीजी भास्कर, 06 जुलाई। दुबई की एमिरेट्स रोड पर हुए भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। हादसे में मृत प्रत्येक कर्मचारी के परिजनों को 26-26 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई है। इसके साथ ही दुर्घटना में घायल कर्मचारियों को भी उनकी स्थिति के अनुसार मुआवजा उपलब्ध कराया गया है। यह सहायता संयुक्त अरब अमीरात के भारतीय उद्यमी और वीपीएस हेल्थ के संस्थापक एवं चेयरमैन डॉ. शमशीर वयालिल की ओर से घोषित की गई थी। (Dubai Crash Compensation )
कंपनी के प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश और तेलंगाना के विभिन्न जिलों में पहुंचकर मृतक कर्मचारियों के परिजनों से मुलाकात की, उन्हें सांत्वना दी और सहायता राशि सौंपी। वहीं, श्रीलंका में मृत एक कर्मचारी के परिवार तक भी आर्थिक मदद पहुंचाई गई। यह सहायता मानवीय पुनर्वास कार्यक्रम (Dubai Crash Compensation) के तहत दी गई है। साथ ही पीड़ित परिवारों के बच्चों की शिक्षा में सहयोग के लिए भी परिवारों के साथ समन्वय किया जा रहा है।
8 जून को दुबई में खड़े ट्रक से मिनी बस की टक्कर में सात कर्मचारियों की मौत हो गई थी। इनमें छह भारतीय और एक श्रीलंकाई नागरिक शामिल थे। भारतीय मृतकों में तीन कर्मचारी तेलंगाना तथा तीन उत्तर प्रदेश के निवासी थे। हादसे में कई परिवारों के एकमात्र कमाने वाले सदस्य की मौत होने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
तेलंगाना के मृतकों में सलीम सैयद हुसैन, अब्दुल रफीक और तिरुपति गोल्लापल्ली चंद्रैया शामिल थे। परिजनों ने बताया कि वे बेहतर भविष्य और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात गए थे। वहीं उत्तर प्रदेश के मृतकों में अब्दुल रशीद, मार्कंडेय चौहान और मोहम्मद साकिब शामिल थे, जिनके परिवारों ने उन्हें मेहनती और जिम्मेदार सदस्य बताया।
मार्कंडेय चौहान की बेटी अंकिता ने वीडियो कॉल के दौरान डॉ. शमशीर को बताया कि वह बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई करना चाहती हैं। इस पर डॉ. शमशीर ने उनकी पूरी पढ़ाई का खर्च उठाने और कोर्स पूरा होने के बाद संयुक्त अरब अमीरात में रोजगार का अवसर उपलब्ध कराने का आश्वासन (Dubai Crash Compensation) दिया। उन्होंने कहा कि अंकिता की सफलता उनके पिता की याद को हमेशा जीवित रखेगी।
दुर्घटना में घायल नौ कर्मचारियों को भी आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। इनमें आठ भारतीय और एक नेपाली नागरिक शामिल हैं। कुछ घायलों को सहायता राशि संयुक्त अरब अमीरात में ही सौंप दी गई, जबकि भारत लौट चुके घायलों के बैंक खातों में राशि स्थानांतरित कर दी गई। अस्पताल में भर्ती गंभीर रूप से घायल कर्मचारियों के खातों में भी सहायता राशि भेजी गई है।



