सीजी भास्कर, 21 अगस्त : छत्तीसगढ़ में शराब, कोयला और कस्टम मिलिंग से जुड़े कथित मामलों की जांच के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED Raid Chhattisgarh) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED ने रायपुर, धमतरी और भिलाई-दुर्ग में एक साथ 7 ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई कांग्रेस के प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, उनके रिश्तेदारों और करीबी प्रॉपर्टी डीलरों से जुड़े परिसरों में की गई। टीमों ने दस्तावेज, बैंक लेनदेन, संपत्ति से जुड़े कागजात और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की। कैश और ज्वेलरी मिलने की जानकारी भी सामने आई है।
यह भी पढ़ें :
सुबह 7 बजे पहुंची ED की टीमें
जानकारी के मुताबिक, करीब 25 सदस्यीय ED टीम गुरुवार सुबह करीब 7 बजे अलग-अलग ठिकानों पर पहुंची। टीमों ने आवास और कार्यालयों में बैंक खातों, संपत्ति, निवेश और वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले। कार्रवाई के दौरान कई दस्तावेज और अन्य सामग्री जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।
रामगोपाल अग्रवाल और करीबियों के यहां दबिश
ED की टीमों ने रामगोपाल अग्रवाल के रायपुर स्थित अनुपम नगर और धमतरी स्थित आवास पर जांच की। इसके अलावा उनके भतीजे अनूप अग्रवाल के रायपुर स्थित रविनगर आवास और प्रतीक अग्रवाल के धमतरी स्थित ठिकाने पर भी कार्रवाई की गई। भिलाई में रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े विश्वास गुप्ता और सजल जैन के परिसरों पर भी ED की टीम पहुंची।
यह भी पढ़ें :
शराब, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग से जुड़ी जांच
ED की यह कार्रवाई शराब, कोल लेवी वसूली से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग, DMF और कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन राशि से जुड़े मामलों की जांच के सिलसिले में बताई जा रही है। इससे पहले ED ने शराब घोटाले के मामले में रामगोपाल अग्रवाल को PMLA के तहत गिरफ्तार किया था। एजेंसी का आरोप है कि कथित शराब सिंडिकेट से जुड़ी अवैध कमाई के लेनदेन में उनकी भूमिका रही है। इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगा।
कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन
ED की छापेमारी की जानकारी सामने आने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धमतरी में विरोध प्रदर्शन किया। धमतरी विधायक ओमकार साहू के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रामगोपाल अग्रवाल के घर के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी भी की गई।
यह भी पढ़ें :
दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी
छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड, संपत्ति से जुड़े कागजात और डिजिटल साक्ष्यों की ED जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित घोटालों से जुड़े वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों के बीच क्या संबंध है।
फिलहाल जांच जारी है। तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




