सीजी भास्कर, 19 जून : छत्तीसगढ़ में बढ़ी हुई बिजली दरों और स्मार्ट मीटर को लेकर सियासत (Electricity Rate Hike Chhattisgarh) तेज हो गई है। खरसिया विधायक एवं पूर्व शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए बिजली दरों में की गई वृद्धि को तत्काल वापस लेने की मांग की है। जशपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि महंगाई से जूझ रही जनता पर सरकार ने बिजली दर बढ़ाकर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है।
‘बिजली दर बढ़ोतरी वापस ले सरकार’
उमेश पटेल ने कहा कि डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों से आम जनता पहले ही परेशान है। ऐसे में बिजली दरों में वृद्धि लोगों की मुश्किलें और बढ़ा रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकार उद्योगपतियों और विभिन्न विभागों से बकाया लगभग 20 हजार करोड़ रुपये की वसूली कर राजस्व घाटे की भरपाई कर सकती है, लेकिन इसका भार आम उपभोक्ताओं पर नहीं डालना चाहिए।
स्मार्ट मीटर योजना पर भी उठाए सवाल
पूर्व मंत्री ने स्मार्ट मीटर योजना को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर से उपभोक्ताओं की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है। उनका कहना था कि उत्तर प्रदेश में भी स्मार्ट मीटर योजना को वापस लिया जा चुका है, जिससे इसकी खामियां उजागर होती हैं। उन्होंने प्रदेश में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों को तत्काल हटाने की मांग की।
‘ढाई साल में 60 पैसे बढ़ी बिजली दर’
उमेश पटेल ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने अपने लगभग ढाई वर्ष के कार्यकाल में बिजली दरों में करीब 60 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की है, जबकि कांग्रेस सरकार के पांच वर्षों में केवल दो पैसे की वृद्धि हुई थी। उन्होंने कहा कि ऊर्जा संकट के दौर में सरकार को राहत देने वाली नीतियां अपनानी चाहिए, ताकि किसानों, व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं को फायदा मिल सके।
ऊर्जा संकट और महंगाई को लेकर दी चेतावनी
उन्होंने कहा कि प्रदेश ऊर्जा संकट जैसी स्थिति की ओर बढ़ रहा है, लेकिन सरकार गंभीर नहीं दिख रही है। मानसून की अनिश्चितता और बढ़ती लागत आने वाले समय में महंगाई को और बढ़ा सकती है। ऐसे हालात से निपटने के लिए सरकार को अभी से ठोस रणनीति बनानी चाहिए।
हवाई सर्वे पर विधानसभा में उठेगा सवाल
जशपुर जिले में चल रहे कथित हवाई सर्वे को लेकर पूछे गए सवाल पर उमेश पटेल ने कहा कि उन्हें भी इसकी जानकारी मिली है, लेकिन यह सर्वे कौन करा रहा है और इसका उद्देश्य क्या है, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा सत्र में इस विषय पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
रेल परियोजना का स्वागत, विकास-पर्यावरण संतुलन पर जोर
उमेश पटेल ने कहा कि प्राकृतिक संपदा और जैव विविधता से समृद्ध जशपुर जिले में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने लोहरदगा-धरमजयगढ़ रेल लाइन परियोजना को मंजूरी मिलने का स्वागत किया, लेकिन साथ ही कहा कि जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं वर्षों से अधूरी हैं, ऐसे में नई परियोजनाओं को समय पर पूरा करना भी बड़ी चुनौती होगी।





