सीजी भास्कर, 27 मई : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल में 17 दिनों के भीतर 3 हाथी शावकों की मौत के बाद वन विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। हाथी शावक मौत (Elephant Calf Death) मामले ने वन अमले की चिंता बढ़ा दी है। हाथियों और शावकों की सुरक्षा के लिए अब जंगलों और जलाशयों के आसपास विशेष निगरानी अभियान शुरू किया गया है। विभाग ट्रैप कैमरों और थर्मल ड्रोन की मदद से हाथियों की हर गतिविधि पर नजर रख रहा है।
डैम और तालाबों में मिले शावकों के शव
वन विभाग के मुताबिक हाल के दिनों में अलग-अलग स्थानों पर डैम और तालाबों में 3 हाथी शावकों के शव मिले थे। लगातार हो रही मौतों के बाद विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी दोनों को और सख्त कर दिया है।
अधिकारियों ने बताया कि हाथियों की आवाजाही वाले संवेदनशील इलाकों में 8 ट्रैप कैमरे लगाए जा रहे हैं, जबकि 3 थर्मल ड्रोन सुबह और रात के समय लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। हाथी शावक मौत (Elephant Calf Death) की घटनाओं के बाद वन विभाग हर मूवमेंट पर नजर बनाए हुए है।
धरमजयगढ़ में 135 हाथियों का बड़ा कुनबा
धरमजयगढ़ वन मंडल में इस समय कुल 135 हाथी मौजूद हैं। इनमें 45 नर, 70 मादा और 20 शावक शामिल हैं। सबसे बड़ा दल छाल रेंज के एडू परिसर में विचरण कर रहा है, जहां 62 हाथियों का समूह मौजूद बताया गया है।
वन विभाग को आशंका है कि छोटे शावक जलाशयों में उतरते समय हादसे का शिकार हो रहे हैं। इसी वजह से अब संवेदनशील तालाबों और जल स्रोतों का चिन्हांकन शुरू कर दिया गया है।
मौत की वजह तलाशने वैज्ञानिक जांच
वन विभाग का कहना है कि ट्रैप कैमरों का मकसद केवल निगरानी करना नहीं बल्कि यह पता लगाना भी है कि आखिर शावकों की मौत किन परिस्थितियों में हो रही है। अधिकारियों के मुताबिक जरूरत पड़ने पर तालाबों और जल स्रोतों के पास सुरक्षित ढलान और पहुंच मार्ग भी बनाए जाएंगे ताकि हाथियों का दल सुरक्षित तरीके से पानी तक पहुंच सके।
धरमजयगढ़ वनमंडलाधिकारी जितेंद्र उपाध्याय ने बताया कि आमामुड़ा तालाब में मिले शावक के शव की वैज्ञानिक जांच कराई जा रही है। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों को सैंपल भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
140 ट्रैकर और हाथी मित्र दल मैदान में
पूरे वन मंडल में करीब 140 ट्रैकर तैनात किए गए हैं, जो अलग-अलग बीट क्षेत्रों में हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहे हैं। ट्रैकर दल जंगलों में हाथियों के पीछे-पीछे चलते हुए ग्रामीणों को सतर्क कर रहा है और अधिकारियों को हर अपडेट दे रहा है।
प्रभावित गांवों में मुनादी कर लोगों को सावधान रहने की अपील भी की जा रही है। लगातार बढ़ रही हाथी शावक मौत (Elephant Calf Death) की घटनाओं के बाद वन विभाग किसी भी तरह की लापरवाही से बचना चाहता है।




