सीजी भास्कर, 28 अगस्त : छत्तीसगढ़ में बाल संप्रेक्षण एवं बाल देखरेख संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी है। राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में बताया है कि सुरक्षा के लिए पूर्व सैनिक (Ex-Servicemen Security) की सेवाएं लेने की प्रक्रिया शुरू की गई है। सरकार ने सैनिक कल्याण बोर्ड को पत्र लिखकर नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा है।
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26 संस्थानों में तैनात होंगे 156 पूर्व सैनिक
राज्य शासन ने अपने शपथ-पत्र में बताया कि प्रदेश के 26 बाल संप्रेक्षण एवं बाल देखरेख संस्थानों में कुल 156 पूर्व सैनिक (Ex-Servicemen Security) तैनात करने की योजना है। सरकार का मानना है कि पूर्व सैनिकों की तैनाती से संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा।
इसके अलावा सभी संस्थानों का सुरक्षा ऑडिट कराने के निर्देश दिए गए हैं। नियमित पुलिस पेट्रोलिंग, रात में गश्त, कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन और सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए मॉक ड्रिल कराने की व्यवस्था भी की जा रही है।
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चौकीदार की हत्या के बाद उठे थे सुरक्षा पर सवाल
यह मामला 11 जुलाई की रात बिलासपुर के नूतन चौक स्थित बाल संप्रेक्षण गृह में चौकीदार की हत्या के बाद सामने आया था। घटना के बाद बाल संप्रेक्षण गृहों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। इसी मामले को हाईकोर्ट ने जनहित याचिका के रूप में सुनवाई के लिए लिया है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार की ओर से उठाए गए कदमों में पूर्व सैनिक (Ex-Servicemen Security) की तैनाती को प्रमुख माना जा रहा है। इसके साथ संस्थानों में सुरक्षा संबंधी अन्य व्यवस्थाओं को भी मजबूत करने की प्रक्रिया चल रही है।
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हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को भी बनाया पक्षकार
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने मामले में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को भी पक्षकार बनाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने 156 सुरक्षा गार्डों की तैनाती से होने वाले वित्तीय भार को लेकर भी सरकार से जानकारी मांगी है।
अदालत ने यह भी पूछा है कि सुरक्षा व्यवस्था पर होने वाले खर्च में केंद्र सरकार की ओर से कितनी सहायता मिल सकती है। इस मामले में राज्य शासन के शपथ-पत्र में पूर्व सैनिक (Ex-Servicemen Security) की नियुक्ति समेत कई सुरक्षा उपायों की जानकारी दी गई है।
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24 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
बाल संप्रेक्षण एवं बाल देखरेख संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है। सरकार की ओर से किए जा रहे सुरक्षा उपायों और पूर्व सैनिकों की तैनाती की प्रक्रिया पर अदालत की नजर है।
मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर 2026 को होगी। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था, 156 सुरक्षा गार्डों की तैनाती के वित्तीय भार और केंद्र से मिलने वाली सहायता से जुड़े मुद्दों पर आगे सुनवाई होगी।




