सीजी भास्कर, 06 फरवरी। एनएसयूआई ने तहसील कार्यालय परिसर में असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर संजय नेताम के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन (Fake Medicine Allegation) किया। संगठन का आरोप है कि संजय नेताम को कथित तौर पर टैन कैफे में नकली दवाइयों के कारोबारियों के साथ देखा गया है, जिसका वीडियो भी सामने आया है। एनएसयूआई का कहना है कि इतने गंभीर आरोप और कथित सबूत होने के बावजूद अब तक उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने भ्रष्टाचार और नकली दवाइयों के अवैध कारोबार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। संगठन ने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर तत्काल सख्त कार्रवाई (Fake Medicine Allegation) की जाए। एनएसयूआई नेताओं ने कहा कि नकली दवाइयों का व्यापार सीधे आम जनता के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ा मुद्दा है, जिसमें किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जा सकता।
प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई नेताओं ने प्रतीकात्मक रूप से असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर को पांच लाख रुपये नकद देने की पेशकश करते हुए तीखा (Fake Medicine Allegation) तंज कसा। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारी रिश्वतखोरी और कथित दवा माफियाओं से सांठगांठ पूरी तरह छोड़ दें, तो संगठन हर महीने 50 हजार रुपये अतिरिक्त देने को भी “तैयार” है। एनएसयूआई नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह प्रतीकात्मक विरोध है, जिसका उद्देश्य कथित भ्रष्टाचार की ओर शासन और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना है।
एनएसयूआई ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मामले में जांच और कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और यह विरोध प्रदर्शन प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा। इस घटनाक्रम के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अमले की भूमिका पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।




