सीजी भास्कर, 10 नवंबर। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में ईसाफ स्माल फायनेंस बैंक के छह कर्मचारियों ने बैंक ग्राहकों के लोन की राशि का गबन कर लिया। (Finance Bank Fraud Durg) पुलिस के अनुसार, इन कर्मचारियों ने 240 ग्राहकों से वसूले गए करीब 85 लाख रुपये बैंक में जमा नहीं किए, बल्कि अपने निजी उपयोग में खर्च कर दिए। पुलगांव पुलिस ने इस मामले में छह कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है, जबकि चार और आरोपितों की तलाश जारी है।
ग्राहकों ने लोन की राशि कर्मचारियों को दी थी
ईसाफ स्माल फायनेंस बैंक शाखा दुर्ग के क्षेत्रीय प्रबंधक (Finance Bank Fraud Durg) मोहित देशमुख ने थाना पुलगांव में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि ग्राम चंदखुरी निवासी हिरन बाई साहू समेत 240 ग्राहकों ने बैंक लोन की किश्त राशि कर्मचारियों को दी थी। लेकिन जब बैंक ने रिकॉर्ड जांचा, तो पाया कि यह राशि बैंक के सिस्टम में जमा नहीं हुई। ग्राहकों से पूछताछ में पता चला कि उन्होंने पूरी राशि कर्मचारियों को सौंपी थी। बैंक प्रबंधन ने आंतरिक जांच कर पुष्टि की कि कर्मचारियों ने राशि को बैंक में जमा करने के बजाय खुद के निजी कार्यों में खर्च कर लिया।
85 लाख रुपये गबन का खुलासा
पुलिस जांच में सामने आया कि कर्मचारियों ने (Embezzlement by Bank Staff) 24 मई 2024 से 24 जून 2025 के बीच कुल ₹84,98,940 का गबन किया। इस अवधि में बैंक द्वारा ग्राहकों से एकत्र की गई लोन किस्त राशि को बैंक में जमा नहीं किया गया।
पुलिस ने टीकाराम पाटले (35) निवासी लोरमी जिला मुंगेली, आकाश नायक (30) निवासी बसना जिला महासमुंद, ओमप्रकाश कोसरे (21) निवासी बजरंग नगर उरला, आर्या गोस्वामी (25) निवासी दल्लीराजहरा, रेशमा वर्मा (25) निवासी आदित्य नगर दुर्ग और अंकिता पासवान (22) निवासी कोसा नगर सुपेला को गिरफ्तार किया है।
आपराधिक साजिश और गबन के तहत मामला दर्ज
थाना पुलगांव पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की (IPC Sections 420, 409, 120B) धाराओं — 420 (धोखाधड़ी), 409 (आपराधिक विश्वासघात) और 120-बी (साजिश) — के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस अधीक्षक दुर्ग ने बताया कि इस मामले में बैंक के चार और कर्मचारियों की संलिप्तता मिली है, जिनकी गिरफ्तारी जल्द की जाएगी। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपितों ने एक साथ मिलकर योजना बनाकर यह गबन किया था।
बैंक प्रबंधन ने कहा है कि सभी ग्राहकों के खातों की पुनः जांच की जा रही है। बैंक उन ग्राहकों की राशि की वसूली सुनिश्चित करेगा जिनका पैसा कर्मचारियों द्वारा गबन किया गया है। (Customer Refund Investigation) मामले की विस्तृत रिपोर्ट पुलिस और बैंक मुख्यालय दोनों को सौंपी जाएगी।



