सीजी भास्कर, 26 मई। रायगढ़ जिले में अपराधों की जांच प्रक्रिया को तेज करने के लिए क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला यानी फॉरेंसिक लैब की शुरुआत की गई है। अब हत्या, दुष्कर्म, आत्महत्या और मादक पदार्थों से जुड़े मामलों के सैंपल जांच के लिए बिलासपुर नहीं भेजने पड़ेंगे। इससे रायगढ़, सारंगढ़ और सक्ती जिले की पुलिस को बड़ी राहत मिलेगी। (Forensic lab started in Raigarh)
अब तक फॉरेंसिक जांच के लिए जब्त सामग्री बिलासपुर भेजी जाती थी, जहां से रिपोर्ट आने में 15 से 20 दिन का समय लग जाता था। नई लैब शुरू होने के बाद स्थानीय स्तर पर जांच सुविधा उपलब्ध होगी।
हत्या और रेप मामलों की जांच में मिलेगी तेजी : Forensic lab started in Raigarh
नई फॉरेंसिक लैब में ब्लड टेस्ट, दुष्कर्म मामलों में जब्त स्लाइड की जांच, एनडीपीएस मामलों में मादक पदार्थों की जांच, आत्महत्या मामलों में केमिकल टेस्ट और अल्कोहल जांच जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि स्थानीय स्तर पर जांच होने से गंभीर अपराधों की जांच में तेजी आएगी और केस की प्रगति जल्द हो सकेगी। लैब में रायगढ़, सक्ती और सारंगढ़ जिलों के थानों से जब्त किए गए फॉरेंसिक सैंपल और विसरा की जांच की जाएगी।
फॉरेंसिक विभाग के लिए 28 पद स्वीकृत
राजापारा स्थित भवन में क्षेत्रीय फॉरेंसिक कार्यालय स्थापित किया गया है। यहां फॉरेंसिक विभाग के लिए 28 पद स्वीकृत किए गए हैं। फिलहाल एक वरिष्ठ वैज्ञानिक समेत छह कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि बाकी पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार जून महीने से लैब पूरी तरह काम करना शुरू कर देगी। इससे पुलिस और जांच एजेंसियों को तकनीकी जांच में काफी सुविधा मिलेगी।
मोबाइल यूनिट वाहन से मौके पर होगी प्रारंभिक जांच : Forensic lab started in Raigarh
सीन ऑफ क्राइम यूनिट को करीब 65 लाख रुपए की लागत वाला आधुनिक मोबाइल यूनिट वाहन भी दिया गया है। इस वाहन में कई अत्याधुनिक जांच सुविधाएं मौजूद हैं, जिनकी मदद से कुछ मामलों में घटनास्थल पर ही प्रारंभिक जांच की जा सकेगी।
संयुक्त संचालक डॉ. पीएस भगत ने बताया कि नए कानूनों में फॉरेंसिक जांच को प्राथमिकता दी गई है। हालांकि मामलों की संख्या अधिक होने पर रिपोर्ट आने में अब भी 15 से 20 दिन लग सकते हैं, लेकिन स्थानीय लैब शुरू होने से जांच प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक प्रभावी और सुविधाजनक होगी।



