रिपोर्टर : आशुतोष सिंह राजपूत
सीजी भास्कर, 27 जून : गरियाबंद पुलिस ने लंबे समय से फरार अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए (Gariaband Absconding Warrant Arrest) के तहत वर्ष 2008 से फरार स्थायी वारंटी नौशाद अली को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले 18 वर्षों से अपनी पहचान छिपाकर पुलिस की गिरफ्त से बचता रहा। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ गरियाबंद के अलावा दुर्ग और राजनांदगांव जिलों में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं।
मुखबिर की सूचना पर नागपुर पहुंची पुलिस टीम
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीम को सूचना मिली थी कि फरार स्थायी वारंटी नौशाद अली महाराष्ट्र के नागपुर में छिपा हुआ है। सूचना का सत्यापन करने के बाद पुलिस टीम तत्काल नागपुर रवाना हुई। (Gariaband Absconding Warrant Arrest) के तहत योजनाबद्ध घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
दुर्ग और राजनांदगांव में भी दर्ज हैं आपराधिक मामले
जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी केवल गरियाबंद ही नहीं, बल्कि दुर्ग और राजनांदगांव जिले में भी वांछित है। पुलिस का मानना है कि (Gariaband Absconding Warrant Arrest) से इन जिलों में लंबित मामलों की जांच और कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
18 वर्षों तक पुलिस को देता रहा चकमा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी लगातार अपनी पहचान बदलकर और ठिकाने बदलते हुए करीब 18 वर्षों तक कानून से बचता रहा। हालांकि सटीक सूचना और प्रभावी कार्रवाई के चलते गरियाबंद पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। (Gariaband Absconding Warrant Arrest) को फरार अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
फरार अपराधियों के खिलाफ अभियान रहेगा जारी
गरियाबंद पुलिस का कहना है कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाने की कार्रवाई आगे भी इसी तरह जारी रहेगी। (Gariaband Absconding Warrant Arrest) के जरिए पुलिस ने अपराधियों को सख्त संदेश दिया है कि वे कितने भी समय तक फरार रहें, कानून की गिरफ्त से बच नहीं सकेंगे।



