सीजी भास्कर, 19 अप्रैल : गरियाबंद। रायपुर-देवभोग मार्ग पर यात्री बसों (Gariaband Bus Overloading Action) की मनमानी एक बार फिर उजागर हुई है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद गरियाबंद यातायात पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए विशेष चेकिंग अभियान चलाया, जिसमें कई बस संचालकों की लापरवाही सामने आई। यह पूरा मामला यात्री सुरक्षा से जुड़ा है और पुलिस की कार्रवाई को तहत अहम कदम माना जा रहा है।
चेकिंग के दौरान पुलिस ने पाया कि कई बसें निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर चला रही थीं। हालत यह थी कि बसों में खड़े होने तक की जगह नहीं बची थी, फिर भी यात्रियों को ठूंसा जा रहा था। इससे साफ है कि यात्रियों की जान जोखिम में डालकर मुनाफा कमाने का खेल जारी है। यह लापरवाही सीधे तौर पर (Gariaband Bus Overloading Action) जैसी सख्त कार्रवाई को मजबूर करती है।
इतना ही नहीं, कई बसें तय समय और रूट नियमों का भी पालन नहीं कर रही थीं। बस ऑपरेटर अपनी मनमर्जी से संचालन कर रहे थे, जिससे सड़क पर अव्यवस्था और दुर्घटना का खतरा बढ़ रहा था। पुलिस के अनुसार इस तरह की अनियमितताएं लगातार शिकायतों का कारण बन रही थीं, जिसके चलते (Gariaband Bus Overloading Action) के तहत विशेष अभियान चलाना जरूरी हो गया।
अभियान के दौरान कुल 6 बसों को नियमों का उल्लंघन करते पकड़ा गया। इनमें से 4 बसें ओवरलोडिंग के गंभीर मामले में शामिल थीं। पुलिस ने मोटर यान अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए कुल 22,100 रुपये का चालान काटा। हालांकि यह कार्रवाई सवाल भी खड़ा करती है कि क्या इतने छोटे जुर्माने से बड़े स्तर पर हो रही लापरवाही पर रोक लग पाएगी या नहीं। फिर भी इसे (Gariaband Bus Overloading Action) के रूप में एक शुरुआती सख्त कदम माना जा रहा है।
यातायात पुलिस का कहना है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और नियमों की अनदेखी करने वाले बस संचालकों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और ओवरलोड बसों में सफर करने से बचें। अब बड़ा सवाल यही है कि क्या बार-बार की चेतावनी और चालान के बावजूद बस ऑपरेटर अपनी मनमानी बंद करेंगे या फिर यात्रियों की जान यूं ही खतरे में डालते रहेंगे।


