सीजी भास्कर, 11 जुलाई। छत्तीसगढ़ में किसानों को परंपरागत धान की खेती (Ginger Farming Success) से हटाकर लाभकारी फसलों की ओर प्रोत्साहित करने की राज्य सरकार की पहल असर दिखा रही है। कृषक उन्नति योजना के तहत फसल विविधीकरण अपनाने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की आदान सहायता मिल रही है। इसका सकारात्मक परिणाम सरगुजा जिले के ग्राम दरिमा में देखने को मिला, जहां प्रगतिशील किसान अमित कुमार सिंह ने धान की जगह अदरक की खेती कर एक एकड़ से करीब 5 लाख रुपये की आय अर्जित की।
किसान अमित कुमार सिंह ने बताया कि कृषि विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने अदरक की वैज्ञानिक खेती शुरू की। बेहतर उत्पादन और बाजार में अच्छे दाम मिलने से उन्हें धान की तुलना में कई गुना अधिक लाभ हुआ। सफलता से उत्साहित होकर उन्होंने इस वर्ष अदरक की खेती का रकबा भी बढ़ा दिया है। उनका कहना है कि यदि बाजार अनुकूल रहा तो अदरक की खेती से प्रति एकड़ 10 लाख रुपये तक की आय प्राप्त की जा सकती है।
वैज्ञानिक खेती से बढ़ा उत्पादन
अमित कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने मेड़ बनाकर वैज्ञानिक पद्धति से अदरक की खेती (Ginger Farming Success) की है। इससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार हुआ है। उनका मानना है कि आधुनिक कृषि तकनीक अपनाकर किसान सीमित भूमि में भी अधिक लाभ कमा सकते हैं।
कृषक उन्नति योजना से मिला बड़ा सहारा
किसान ने कहा कि राज्य सरकार की कृषक उन्नति योजना के तहत प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की आदान सहायता मिलने से खेती की लागत कम हुई और नई फसल अपनाने का आत्मविश्वास बढ़ा। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए प्रदेश के अन्य किसानों से भी धान के साथ-साथ अदरक और अन्य लाभकारी फसलों की खेती अपनाने की अपील की।
किसानों को मिल रहा तकनीकी मार्गदर्शन
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों को फसल विविधीकरण के लिए तकनीकी मार्गदर्शन, आवश्यक परामर्श और विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, खेती की लागत कम करना और कृषि को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाना है।



