सीजी भास्कर, 1 जून। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा से भाजपा विधायक दीपेश साहू की रविवार को सामूहिक विवाह समारोह में शादी हुई। दीपेश ने बेमेतरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित कार्यक्रम में ड्राइवर की बेटी तरुणा साहू के साथ 7 फेरे लिए। समारोह में विधायक समेत 21 जोड़ों का विवाह हुआ। (Raman Singh angry over mismanagement of mass marriage)
विधायक का कहना है कि, योजना के तहत मिलने वाली राशि वे अपने पास नहीं रखेंगे, बल्कि उसे मेधावी छात्राओं की पढ़ाई पर खर्च करेंगे। सभी दूल्हे ई-रिक्शे से सर्किट हाउस तक पहुंचे। इसके बाद विधायक समेत सभी दूल्हों की बारात बैलगाड़ी से निकली। पारंपरिक परी डांस भी हुआ।
फेरों और रस्मों के बीच अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। जिससे बचने के लिए वहां पुख्ता इंतजाम नहीं थे। ऐसे में सिर पर सेहरा सजाए दूल्हे और सज-धजकर बैठी दुल्हनें खुद को भीगने से बचाने के लिए जो हाथ लगा, उसे ओढ़ते नजर आए।
पानी से बचने के लिए कई जोड़ों और उनके परिजनों ने जमीन पर बिछे गद्दों और बैठने के लिए रखी प्लास्टिक की कुर्सियों को ही अपने सिर पर रख लिया। कुछ लोग तिरपाल और छातों के सहारे खुद को बारिश से बचाते दिखे। डिप्टी सीएम अरूण साव भी बैलगाड़ी में बैठने के दौरान फिसल गए।
विधानसभा स्पीकर डॉ. रमन ने अधिकारियों पर कड़ी नाराजगी जताई। सीएम की मौजूदगी में उन्होंने सार्वजनिक रूप से कलेक्टर-एसपी को फटकार लगाते हुए कहा कि अपने 15 साल के कार्यकाल में ऐसी बदइंतजामी कभी नहीं देखी। अव्यवस्था पर कांग्रेस ने भी सरकार को घेरा है।
टीचर से विधायक बने दीपेश :Raman Singh angry over mismanagement of mass marriage
दीपेश साहू करीब 10 साल तक सरकारी स्कूल में शिक्षक रहे। इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई।
भाजपा में शामिल होने के बाद वे पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिलाध्यक्ष समेत कई संगठनात्मक पदों पर रहे। वर्तमान में वे बेमेतरा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
ड्राइवर की बेटी, MA तक की पढ़ाई
तरुणा साहू मूल रूप से दुर्ग जिले की धमधा तहसील के बिरोदा गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने MA तक पढ़ाई की है। पिता देवनारायण साहू पेशे से ड्राइवर हैं, जबकि माता मालती साहू गृहिणी हैं। परिवार में उनके एक भाई टिकेंद्र साहू हैं। वर्तमान में उनका परिवार बेमेतरा में रहता है।
बेमेतरा में सामूहिक विवाह कार्यक्रम के दौरान फैली अव्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि “इन्होंने मुख्यमंत्री जी का पीछे से स्वागत किया।
मुख्यमंत्री, डिप्टी सीएम और मंत्रिमंडल के साथी बैठे हैं, लेकिन अधिकारी ढाई घंटे में भी कोई वैकल्पिक जगह ढूंढ नहीं पाए। प्रशासन में इतनी नकारात्मकता है कि बताने के बाद भी वे उस जगह पर जाने के लिए तैयार नहीं हुए।”
‘15 साल सीएम रहा, ऐसी व्यवस्था नहीं देखी’ : Raman Singh angry over mismanagement of mass marriage
“मैंने अपने पूरे राजनीतिक करियर में, जब मैं 15 साल मुख्यमंत्री था, इस प्रकार की बदइंतजामी कभी नहीं देखी। खैर, अब सीख जाएंगे। अगर आज मैं नहीं बोलता तो ये लोग नहीं सीखते, इसीलिए मुझे बोलना पड़ा।
सामान्यतः मैं ऐसे मौकों पर बोलता नहीं हूं, मगर आज मुझे लगा कि जब मुख्यमंत्री और पूरा मंत्रिमंडल बैठा है, उसके बाद भी अधिकारियों में कोई गंभीरता नहीं है।”




