सीजी भास्कर, 29 जून। जिले में लगातार हो रही बकरा बकरी चोरी की घटनाओं से परेशान ग्रामीणों को आखिरकार राहत (Goat Theft) मिली है। पुलिस की लंबी पड़ताल के बाद ऐसे गिरोह का खुलासा हुआ है, जो दूसरे राज्य से आकर गांवों को निशाना बना रहा था। कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में इस मामले की चर्चा तेज हो गई है। पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी वारदात से पहले कई दिनों तक गांवों में घूमकर पूरी जानकारी जुटाते थे। इसके बाद रात होने का इंतजार करते और सुनसान जगहों पर चोरी की घटना को अंजाम देकर फरार हो जाते थे।
मध्यप्रदेश के छह आरोपी गिरफ्तार Goat Theft
बिलासपुर पुलिस ने मध्यप्रदेश के अंतर्राज्यीय बकरा चोर गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी में इस्तेमाल की गई एक स्कॉर्पियो वाहन और एक लाख 50 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य योजनाबद्ध तरीके से गांवों में चोरी की घटनाएं करते थे।
एक बड़ी चोरी से खुला पूरा मामला
ग्राम चकराभाठा निवासी समन सिंह पैकरा ने 21 जून को रतनपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 19 जून की रात बकरी कोठा में बंद किए गए चार बकरे और 15 बकरियां सुबह गायब मिलीं। जांच में पता चला कि चोर ईंट की दीवार तोड़कर सभी पशुओं को अपने साथ ले गए थे।
खेत समतलीकरण का बहाना बनाकर करते थे रेकी
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे मध्यप्रदेश से स्कॉर्पियो में गांवों तक पहुंचते (Goat Theft) थे। खेत समतलीकरण का काम मांगने के बहाने ग्रामीण इलाकों में घूमकर उन घरों की पहचान करते थे, जहां बड़ी संख्या में बकरा बकरी पाले जाते थे। पूरी रेकी के बाद रात में चोरी कर पशुओं को वाहन में भरकर फरार हो जाते थे।
चोरी के पैसे और वाहन जब्त
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि चकराभाठा से चोरी किए गए 19 बकरा बकरियों को एक लाख 75 हजार रुपये में बेच दिया गया था। इसमें से 25 हजार रुपये खर्च किए जा चुके थे, जबकि शेष एक लाख 50 हजार रुपये पुलिस ने बरामद कर लिए। चोरी में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो वाहन भी जब्त कर ली गई है।



