CG BhaskarCG BhaskarCG Bhaskar
Font ResizerAa
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य
Font ResizerAa
CG BhaskarCG Bhaskar
Search
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य
Follow US
Home » Govardhan Puja 2025 : आज श्रीकृष्ण के गिरधारी स्वरूप की होगी पूजा, अर्पित होंगे छप्पन भोग

Govardhan Puja 2025 : आज श्रीकृष्ण के गिरधारी स्वरूप की होगी पूजा, अर्पित होंगे छप्पन भोग

By Newsdesk Admin
22/10/2025
Share
Govardhan Puja 2025
Govardhan Puja 2025

सीजी भास्कर, 22 अक्टूबर। दीपावली के एक दिन बाद आज कार्तिक मास की परवा (प्रथमा) तिथि को गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja 2025) पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह से मनाई जा रही है। पांच दिन की दीपोत्सव परंपरा में यह पहला ऐसा पर्व है जिसका वैदिक आधार स्पष्ट नहीं, लेकिन इसकी जड़ें सीधे पौराणिक कथाओं में निहित हैं। गोवर्धन पूजा का उल्लेख श्रीमद्भागवत पुराण, महाभारत और हरिवंश पुराण में मिलता है।

भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित यह पूजा ग्रामीण परंपरा का प्रतीक मानी जाती है, जो समुदाय और संगठन की सामूहिक आस्था का दर्शन कराती है। महाभारत में वर्णित प्रसंग के अनुसार, ब्रज (गोकुल, वृंदावन, बरसाना, नंदगांव) के लोग पहले इंद्र देव की वैदिक पूजा करते थे। समय के साथ इस पूजा में आडंबर बढ़ गया और भय का तत्व शामिल हो गया। दूध, दही, घी, छाछ और नई फसल का बड़ा हिस्सा इंद्र यज्ञ में खर्च होने लगा।

तब किशोर कृष्ण ने इस आडंबरपूर्ण पूजा का विरोध किया और ग्रामीणों को सलाह दी कि इंद्र के बजाय प्रकृति की पूजा की जाए — नदी, ग्राम, गोधन, पशुधन, धरती माता, वृक्ष और गोवर्धन पर्वत (Govardhan Puja 2025)। श्रीकृष्ण ने कहा कि नदी जीवन देती है, गोधन से अन्न और पोषण मिलता है, पशुधन किसान का साथी है, धरती अनाज देती है, वृक्ष फल देते हैं और गोवर्धन पर्वत ब्रज की सुरक्षा और वर्षा का आधार है।

इंद्र के क्रोध से बचाने उठाया गोवर्धन पर्वत

नंदबाबा और ब्रजवासियों ने श्रीकृष्ण की बात मान ली और इंद्र पूजा बंद कर गोवर्धन पूजा शुरू की। इससे क्रोधित देवराज इंद्र ने ब्रजभूमि पर लगातार सात दिन वर्षा कर दी। तब श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा उंगली पर उठा लिया। सात दिन और सात रात तक वे खड़े रहे, और इंद्र के क्रोध व अभिमान को शांत किया। अंततः इंद्र ने श्रीकृष्ण के दिव्य स्वरूप को पहचाना और उनके शरणागत हो गए।

गोवर्धन पर्वत स्वयं श्रीकृष्ण का स्वरूप

हरिवंश पुराण और भागवत पुराण में वर्णित यह कथा ही गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja 2025) का आधार बनी। श्रीकृष्ण ने आठ दिन तक चलने वाले इस पर्व की परंपरा शुरू की, जिसमें गोवर्धन पूजा से लेकर गोपाष्टमी तक प्रकृति की पूजा की जाती है। ब्रजवासी अन्न, नदी, धरती और पशुधन की आराधना करते हैं।

गोवर्धन पर्वत अब लोकदेवता माने जाते हैं। कई परिवारों में वे कुलदेवता हैं। मथुरा के ब्रज क्षेत्र से लेकर राजस्थान की नाथ परंपरा तक और फिर गुजरात-महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों में भी गिरधारी स्वरूप की पूजा होती है। ऐसा माना जाता है कि गोवर्धन पर्वत स्वयं श्रीकृष्ण का अचल स्वरूप हैं जो प्रकृति और भक्ति के संगम का प्रतीक है।

CID Espionage Arrest : राजस्थान–पंजाब–गुजरात से भारतीय सेना की सीक्रेट सूचनाएं पाकिस्तान भेज रहा था युवक, CID ने किया गिरफ्तार
UPI Europe Integration: RBI की ऐतिहासिक घोषणा, अब भारत–यूरोप के बीच डिजिटल पेमेंट्स होंगे रियल-टाइम
सांप ने काटा तो थैली में बंद कर पहुंचा अस्पताल, बोला – “डॉक्टर साहब, यही है वो आरोपी…” देखिए विडियो
पटवारी, शिक्षक एवं जेल प्रहरी की सेवा समाप्ति की अनुशंसा भेजेगा महिला आयोग, 12 वर्षों तक यौन शोषण, आयोग की समझाईश पर मुआवजे में देगा 20 लाख रूपये, घर तोड़ने वाली दो महिलाओं को भेजा नारी निकेतन
Asansol Fire Accident 2025 : आग की लपटों में बुझ गया एक परिवार…झारखंड के कोयला कारोबारी समेत तीन की जलकर मौत…पत्नी की हालत गंभीर…
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram

ताजा खबरें

Chhattisgarh Pension Arrears High Court Verdict : 59 महीने के पेंशन एरियर का रास्ता साफ

Chhattisgarh Pension Arrears High Court Verdict

Chhattisgarh Cooperative Week 2026 : 29 जून से 6 जुलाई तक राज्यभर में बड़े आयोजन

Chhattisgarh Cooperative Week 2026

Raipur Illegal Fertilizer Seizure : उर्वरक संकट, 1205 बोरी अवैध खाद जब्त

Raipur Illegal Fertilizer Seizure

Durg Police Station Incharge Transfers : दुर्ग पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल

Durg Police Station Incharge Transfers

Kharun River Pollution Crisis : खारुन की करुण कथा-3, केमिकल की मार से दम तोड़ती नदी

Kharun River Pollution Crisis

छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
क्विक लिंक्स
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य

हमारे बारे में

मुख्य संपादक : डी. सोनी

संपर्क नंबर : +91 8839209556

ईमेल आईडी : cgbhaskar28@gmail.com

© Copyright CGbhaskar 2025 | All Rights Reserved | Made in India by MediaFlix
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?