सीजी भास्कर, 28 जून : हेमचंद यादव विश्वविद्यालय (Hemchand Yadav University) अब केवल परीक्षा आयोजित करने वाला संस्थान नहीं रहेगा। स्थापना के करीब 11 साल बाद पहली बार विश्वविद्यालय में यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट (UTD) की शुरुआत होने जा रही है। नए शैक्षणिक सत्र से फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथेमेटिक्स, बॉटनी और जूलॉजी विषयों में स्नातकोत्तर (पीजी) की पढ़ाई विश्वविद्यालय परिसर में शुरू होगी। इसके लिए सभी आवश्यक मंजूरियां मिल चुकी हैं और जुलाई से कक्षाएं शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
11 साल बाद शुरू होगा यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट
वर्ष 2015 में स्थापित हेमचंद यादव विश्वविद्यालय (Hemchand Yadav University) अब तक मुख्य रूप से परीक्षाओं के संचालन और परिणाम घोषित करने तक सीमित रहा। विश्वविद्यालय में यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट नहीं होने के कारण नियमित शिक्षण और शोध गतिविधियां शुरू नहीं हो सकी थीं। अब पहली बार विश्वविद्यालय परिसर में नियमित कक्षाओं के संचालन के साथ उच्च शिक्षा और शोध को नई दिशा मिलने जा रही है।
पांच विषयों में होगी पीजी की पढ़ाई, शुरू हुई प्रवेश प्रक्रिया
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथेमेटिक्स, बॉटनी और जूलॉजी विषयों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रवेश पूर्ण होते ही जुलाई से नियमित कक्षाओं का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इसके साथ ही प्री-पीएचडी परीक्षा भी शुरू हो चुकी है। आने वाले समय में शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं लागू की जाएंगी और मेधावी विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल भी प्रदान किया जाएगा।
आठ नए प्रोफेशनल कोर्स को मिली मंजूरी
उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में विश्वविद्यालय को एआईसीटीई (AICTE) से आठ नए प्रोफेशनल कोर्स संचालित करने की मंजूरी भी मिल गई है। इनमें एमबीए, एमसीए, फिनटेक सहित कई रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम शामिल हैं। इसके अलावा सप्लाई चेन मैनेजमेंट, ब्लॉकचेन मैनेजमेंट और ट्रैवल एंड टूरिज्म जैसे आधुनिक कोर्स शुरू करने की भी तैयारी चल रही है, जिससे विद्यार्थियों को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
स्पेशल एजुकेशन और रिसर्च पर भी रहेगा फोकस
हेमचंद यादव विश्वविद्यालय (Hemchand Yadav University) स्पेशल बीएड कार्यक्रम और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन स्पेशल एजुकेशन शुरू करने की दिशा में भी तेजी से काम कर रहा है। इसके लिए संबंधित संस्थाओं से अनुमति की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि विशेष शिक्षकों की बढ़ती मांग को देखते हुए यह पहल विद्यार्थियों के लिए नए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगी।
नई बिल्डिंग तैयार, फिलहाल सहयोगी कॉलेजों में होगी प्रैक्टिकल पढ़ाई
विश्वविद्यालय का नया भवन तैयार होने के बावजूद उसका लोकार्पण अभी तक नहीं हो सका है। ऐसे में शुरुआती चरण में प्रयोगशाला और प्रैक्टिकल कार्यों के लिए शासकीय वीवाईटी साइंस कॉलेज सहित अन्य सहयोगी संस्थानों की प्रयोगशालाओं का उपयोग किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई और प्रयोगात्मक कार्य किसी भी तरह प्रभावित नहीं होंगे।



