सीजी भास्कर, 19 मई । बालोद जिले में बोर्ड परीक्षा परिणाम खराब आने के बाद निलंबित किए गए प्राचार्यों को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से राहत मिली है। बिलासपुर हाईकोर्ट ने कलेक्टर द्वारा जारी निलंबन आदेश को निरस्त कर दिया है। इसके बाद संबंधित प्राचार्यों को बड़ी राहत मिली है। (High Court gives relief to principals)
बोर्ड परीक्षा परिणाम के बाद हुई थी कार्रवाई : High Court gives relief to principals
दरअसल, छत्तीसगढ़ बोर्ड की 10वीं और 12वीं परीक्षा में जिले का परिणाम निराशाजनक रहने पर कलेक्टर ने 7 मई को कार्रवाई करते हुए 8 प्राचार्यों को निलंबित कर दिया था। इनमें पीएमश्री डौण्डीलोहारा, शासकीय हाईस्कूल सोंहपुर, मोंगरी, शाउमाशा देवरी, खरथुली, नाहंदा, पीएमश्री सेजेस डौण्डी और शाउमाशा भिरई के प्राचार्य शामिल थे।
प्राचार्य संगठन ने किया था विरोध
निलंबन आदेश के बाद राज्य प्राचार्य कर्मचारी संगठन ने कलेक्टर से मुलाकात कर आदेश वापस लेने की मांग की थी। संगठन का कहना था कि परीक्षा परिणाम के आधार पर इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है। इसके साथ ही कुछ प्राचार्यों ने न्यायालय की शरण ली थी।
हाईकोर्ट ने आदेश किया निरस्त : High Court gives relief to principals
मामले की सुनवाई के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट बिलासपुर ने कलेक्टर के निलंबन आदेश को निरस्त कर दिया। अदालत के फैसले के बाद संबंधित प्राचार्यों को राहत मिली है। अब इस फैसले को शिक्षा विभाग और प्रशासनिक कार्रवाई के लिहाज से अहम माना जा रहा है।



