सीजी भास्कर, 05 मई : छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट (High Court Notice Chhattisgarh) ने लाखासार गोधाम में गायों की नारकीय स्थिति पर बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। मीडिया रिपोर्ट्स पर स्वत: संज्ञान लेते हुए चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने पशुधन विभाग की धज्जियां उड़ा दी हैं। कोर्ट ने दोटूक कहा कि गोधाम केवल फाइलों और विज्ञापनों में ही नजर न आएं, बल्कि जमीन पर गायों की सुरक्षा दिखे। हाई कोर्ट नोटिस के जरिए पशुधन विभाग के सचिव से शपथ पत्र के साथ जवाब तलब किया गया है कि आखिर क्यों 25 एकड़ के विशाल गोधाम में गायें दम तोड़ने को मजबूर हैं।
10X26 फीट का कमरा और 200 से ज्यादा गायें
लाखासार गोधाम की जो हकीकत सामने आई है, वह रूह कंपा देने वाली है। सरकारी दावों के उलट, एक छोटे से 10X26 फीट के कमरे में 200 से अधिक गायों को ठूंस-ठूंस कर रखा जा रहा है। पशु विशेषज्ञों के मुताबिक जहां एक गाय को 40 वर्गफुट की जगह मिलनी चाहिए, वहां उन्हें बैठने तक की जगह नसीब नहीं है। हाई कोर्ट नोटिस (High Court Notice Chhattisgarh) जारी करते हुए बेंच ने पूछा है कि क्या सरकार का मकसद पशु संरक्षण है या फिर उन्हें तिल-तिल कर मारना? चारा और पानी के संकट के बीच खाली पड़ी कोटना विभाग की संवेदनहीनता को चीख-चीख कर बयां कर रही है।
सड़कों पर मौत का पहरा, 7 किमी में 150 मवेशी
एक तरफ सरकार सड़कों को मवेशी मुक्त करने का ढोल पीट रही है, वहीं सकरी से लाखासार के बीच महज सात किलोमीटर के दायरे में 150 से अधिक मवेशी मौत को दावत देते बैठे मिले। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि सड़कों पर घूमते इन मवेशियों से मानव जीवन को खतरा है और इसके लिए सीधे तौर पर प्रशासन जिम्मेदार है। इस सख्त हाई कोर्ट नोटिस (High Court Notice Chhattisgarh) में चेतावनी दी गई है कि यदि 14 मई तक संतोषजनक जवाब और सुधार की ठोस कार्ययोजना नहीं मिली, तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
महज 12 हजार का चौकीदार और 25 एकड़ का साम्राज्य
भ्रष्टाचार और लापरवाही का आलम देखिए कि 25 एकड़ में फैले इस विशाल गोधाम की सुरक्षा और देखरेख का जिम्मा केवल एक चौकीदार पर छोड़ दिया गया है। चौकीदार को 24 घंटे की ड्यूटी के बदले मात्र 12 हजार रुपए दिए जा रहे हैं, जबकि वहां 14 हजार से अधिक घुमंतू मवेशियों के प्रबंधन का दावा किया गया था। कोर्ट ने विभाग के सचिव को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि चारे, पानी और पशु चिकित्सा के इंतजाम कागजों के बजाय धरातल पर नजर आने चाहिए।


