सीजी भास्कर, 20 अप्रैल : राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास को गति देने और श्रमिकों (Industrial Code 2026) के हितों को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। औद्योगिक संबंध (छत्तीसगढ़) नियम, 2026 का प्रारूप जारी कर दिया गया है, जिसके तहत अब पुराने श्रम कानूनों की जगह एक नई व्यवस्था लागू होगी। यह बदलाव प्रदेश के औद्योगिक माहौल को आधुनिक और सरल बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
केंद्र सरकार की औद्योगिक संबंध संहिता के तहत लाए जा रहे इस नए प्रावधान से दशकों पुराने और जटिल श्रम नियम समाप्त हो जाएंगे। 1957, 1961 और 1963 से लागू कानून अब निष्प्रभावी हो जाएंगे और उनकी जगह एकीकृत कानूनी ढांचा लागू होगा। इस नई व्यवस्था (Industrial Code 2026) के लागू होने से औद्योगिक विवादों के समाधान में तेजी आएगी और प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी बनेंगी।
नए नियमों के तहत श्रम विवादों के निपटारे के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग बढ़ाया जाएगा, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी। साथ ही उद्योगों और श्रमिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह पहल (Industrial Code 2026) न केवल ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देगी, बल्कि प्रदेश में औद्योगिक शांति और निवेश के अनुकूल वातावरण भी तैयार करेगी।
श्रम विभाग ने इस प्रारूप पर आम जनता, उद्योगों और संबंधित पक्षों से 30 दिनों के भीतर दावा-आपत्ति आमंत्रित की है। इसके बाद अंतिम रूप देकर नियमों को लागू किया जाएगा। इस बदलाव से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होने की उम्मीद है और श्रमिकों को उनके अधिकारों की बेहतर सुरक्षा मिल सकेगी।


