सीजी भास्कर, 19 जून। कांकेर जिले के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने (Irrigation Project) आई है। सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने और खेतों तक पानी की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने बड़ी राशि मंजूर की है। इस फैसले से क्षेत्र के किसानों को लंबे समय तक लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में खेती की सफलता काफी हद तक सिंचाई व्यवस्था पर निर्भर करती है। ऐसे में जलाशय और नहरों के उन्नयन से जुड़े इस निर्णय को कृषि क्षेत्र के लिए अहम माना जा रहा है। स्थानीय किसानों का मानना है कि इससे उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।
दियागांव जलाशय के लिए 4.96 करोड़ की स्वीकृति : Irrigation Project
छत्तीसगढ़ सरकार के जल संसाधन विभाग ने कांकेर जिले के विकासखंड दुर्गकोंदल अंतर्गत दियागांव जलाशय के जीर्णोद्धार और नहर लाइनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 96 लाख 58 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। यह परियोजना जल संरक्षण और सिंचाई क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है। इसके पूरा होने के बाद किसानों को बेहतर जल उपलब्धता का लाभ मिलेगा।
178 हेक्टेयर कृषि भूमि को मिलेगा फायदा
योजना के पूर्ण होने पर क्षेत्र के लगभग 178 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को सुनिश्चित सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इससे किसानों को समय पर पानी मिलने के साथ फसल उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। सिंचाई व्यवस्था मजबूत होने से खेती में जोखिम कम होगा और किसानों की आय बढ़ने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
नहर लाइनिंग से रुकेगी पानी की बर्बादी
परियोजना के तहत नहरों का सुधारीकरण और लाइनिंग कार्य किया (Irrigation Project) जाएगा। इससे नहरों में होने वाले पानी के रिसाव को कम किया जा सकेगा। अधिकारियों के अनुसार नहर लाइनिंग के बाद जलाशय का पानी अंतिम छोर तक स्थित खेतों तक आसानी से पहुंच सकेगा, जिससे अधिक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
कृषि परिदृश्य में आएगा बदलाव
दियागांव जलाशय के जीर्णोद्धार से क्षेत्र में जल प्रबंधन व्यवस्था मजबूत होगी। इससे खेती के लिए आवश्यक जल संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव हो सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी परियोजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और कृषि उत्पादकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
मुख्य अभियंता को सौंपी गई जिम्मेदारी
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुख्य अभियंता, गोदावरी कछार जल संसाधन विभाग, जगदलपुर को जिम्मेदारी सौंपी (Irrigation Project) गई है। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा किया जाए, ताकि किसानों को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।





