सीजी भास्कर, 27 अप्रैल : छत्तीसगढ़ सरकार ने कृषि और सिंचाई विस्तार की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए बलरामपुर जिले के किसानों के लिए खुशहाली का द्वार खोल दिया है। राज्य के जल संसाधन विभाग ने जिले के विकासखण्ड बलरामपुर के अंतर्गत आने वाली महत्वपूर्ण ‘कोचली जलाशय योजना’ के लिए (Irrigation Project Approval) के तहत 19 करोड़ 39 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इस निर्णय से क्षेत्र के हजारों किसान परिवारों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से बेहतर सिंचाई सुविधाओं की प्रतीक्षा कर रहे थे।
सिंचाई क्षमता में होगा अभूतपूर्व विस्तार
इस नई योजना के धरातल पर उतरने से बलरामपुर जिले की खेती की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस जलाशय के निर्माण और नहरों के विस्तार के बाद कुल 500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। इसमें (Irrigation Project Approval) का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि 350 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ की फसलों को पर्याप्त पानी मिलेगा, वहीं 150 हेक्टेयर क्षेत्र में रबी की फसलों के लिए भी जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। वर्तमान में वर्षा आधारित खेती करने वाले किसानों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है।
प्रशासनिक प्रक्रिया और कार्यान्वयन
योजना को समय सीमा के भीतर और गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए शासन ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। इस (Irrigation Project Approval) के कार्यों को मूर्त रूप देने की जिम्मेदारी मुख्य अभियंता, हसदेव गंगा कछार, जल संसाधन विभाग अम्बिकापुर को सौंपी गई है। विभाग को निर्देशित किया गया है कि वे योजना का तकनीकी सर्वे और निविदा प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करें ताकि निर्माण कार्य बिना किसी बाधा के शुरू हो सके। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले कुछ ही वर्षों में कोचली जलाशय का लाभ किसानों के खेतों तक पहुंचने लगे।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
बलरामपुर जैसे आदिवासी बहुल और कृषि प्रधान जिले में सिंचाई सुविधाओं का अभाव हमेशा से एक चुनौती रहा है। इस नई (Irrigation Project Approval) के माध्यम से न केवल फसलों की पैदावार बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी। जब किसानों को दोहरी फसलों (खरीफ और रबी) के लिए सुनिश्चित पानी मिलेगा, तो उनके पलायन में कमी आएगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
तकनीकी मानक और आधुनिक बुनियादी ढांचा
जल संसाधन विभाग ने स्पष्ट किया है कि कोचली जलाशय योजना के तहत बनने वाले बांध और नहरों के निर्माण में आधुनिक इंजीनियरिंग मानकों का पालन किया जाएगा। (Irrigation Project Approval) में इस बात का भी ध्यान रखा गया है कि जल संचयन की क्षमता अधिकतम हो और पानी की बर्बादी कम से कम हो। इसके लिए जल वितरण प्रणाली को सुदृढ़ बनाया जाएगा। शासन का मानना है कि इस स्तर के निवेश से राज्य की कुल सिंचित भूमि के प्रतिशत में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
किसानों में खुशी की लहर
जैसे ही कोचली जलाशय योजना के लिए (Irrigation Project Approval) की खबर जिले में पहुंची, स्थानीय किसानों और जनप्रतिनिधियों ने हर्ष व्यक्त किया है। किसानों का कहना है कि पानी की उपलब्धता होने से वे अब केवल धान तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि गेहूं, दलहन और तिलहन जैसी नकदी फसलों की खेती भी बेहतर तरीके से कर पाएंगे। यह योजना मुख्यमंत्री के ‘समृद्ध किसान’ के विजन को धरातल पर उतारने की दिशा में एक सशक्त कदम है।
अम्बिकापुर संभाग के विकास को नई गति
अम्बिकापुर संभाग के अंतर्गत आने वाले जिलों में सिंचाई परियोजनाओं का जाल बिछाया जा रहा है। कोचली जलाशय इसी कड़ी का एक हिस्सा है। इस (Irrigation Project Approval) के कार्यान्वयन के बाद संभाग के जल स्तर में भी सुधार होने की संभावना है। विभाग ने मुख्य अभियंता को इस परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग करने और प्रगति रिपोर्ट शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं, ताकि बजट का शत-प्रतिशत सदुपयोग हो सके और किसानों को उनका हक मिल सके।


