सीजी भास्कर, 10 मई। रायगढ़ जिले में शुक्रवार को सामूहिक विवाह समारोह के दौरान अलग ही माहौल देखने (Kanya Vivah) को मिला। मंडपों में वैदिक मंत्रों की गूंज सुनाई देती रही और बड़ी संख्या में परिवार अपने बच्चों के विवाह के इस खास पल के साक्षी बने। दूल्हा दुल्हन पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए तो वहीं आयोजन स्थल पर खुशी और उत्साह साफ दिखाई दिया। कई परिवारों ने इसे आर्थिक राहत और सामाजिक सहयोग से जुड़ा बड़ा आयोजन बताया।
पटेलपाली कृषि उपज मंडी समेत जिले के अलग अलग क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों में लोगों की भीड़ जुटी रही। विवाह समारोह में शामिल नवदंपतियों को आशीर्वाद देने पहुंचे जनप्रतिनिधियों ने भी मंच से नवजीवन की शुभकामनाएं दीं। पूरे आयोजन में सादगी और पारंपरिक संस्कृति की झलक दिखाई दी।
150 जोड़ों का हुआ सामूहिक विवाह : Kanya Vivah
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत रायगढ़ जिले में 150 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति रिवाजों के साथ नवदंपतियों ने सात फेरे लिए। इस आयोजन में रायगढ़, खरसिया, लैलूंगा और धरमजयगढ़ समेत अलग अलग विकासखंडों के जोड़े शामिल हुए। सभी कार्यक्रमों में विवाह की विशेष तैयारियां की गई थीं।
वित्त मंत्री ने दिया आशीर्वाद
वित्त मंत्री और रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि यह योजना सिर्फ विवाह कराने तक सीमित नहीं है बल्कि सामाजिक समानता और सादगी का संदेश देने वाला अभियान भी है।
दहेज प्रथा के खिलाफ दिया संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का काम (Kanya Vivah) करते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ मजबूत संदेश देते हैं और जरूरतमंद परिवारों को राहत पहुंचाते हैं।
हर जोड़े को मिल रही सहायता राशि
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को 50 हजार रुपये की सहायता राशि दी जा रही है। इसमें 35 हजार रुपये सीधे हितग्राही के बैंक खाते में भेजे जा रहे हैं। बाकी राशि विवाह आयोजन, परिधान और जरूरी सामग्री पर खर्च की जाती है। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है।
बेटियों के भविष्य को लेकर भी घोषणा
कार्यक्रम के दौरान रानी दुर्गावती योजना का भी जिक्र (Kanya Vivah) किया गया। बताया गया कि बेटी के जन्म के बाद पंजीयन कराने पर 18 वर्ष पूरे होने पर डेढ़ लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। इसके अलावा वित्त मंत्री ने 45 नववधुओं को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा भी की। यह राशि प्रक्रिया पूरी होने के बाद सीधे खातों में भेजी जाएगी।


