सीजी भास्कर, 05 जून। पटना में कोचिंग संस्थानों से जुड़े फायरिंग मामले ने अब राजनीतिक रंग भी पकड़ (Khan Sir) लिया है। मामले में पुलिस कार्रवाई के बीच राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेज प्रताप यादव ने खान सर पर तीखा हमला बोला है। उनके बयान के बाद इस विवाद को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
राजधानी में चल रहे इस विवाद को लेकर छात्र संगठनों, कोचिंग संचालकों और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसी बीच तेज प्रताप यादव ने मीडिया से बातचीत में खान सर के रवैये और कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कई आरोप लगाए।
तेज प्रताप का सीधा हमला : Khan Sir
तेज प्रताप यादव ने कहा कि खान सर चर्चा में बने रहने के लिए ऐसे विवादों को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरे शिक्षकों की सफलता से उन्हें परेशानी होती है और इसी वजह से विवाद खड़ा किया जा रहा है।
तेज प्रताप ने कहा कि एक शिक्षक का काम पढ़ाना होता है, न कि प्रचार और राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होना। उन्होंने दावा किया कि जो शिक्षक बेहतर परिणाम दे रहे हैं, उनके खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है।
पहले सरकार पर भी साधा था निशाना
इससे पहले तेज प्रताप यादव ने घटना को लेकर राज्य सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि बिहार में कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं हैं और ऐसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
उन्होंने कहा था कि अगर चर्चित लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं तो आम नागरिकों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने प्रशासन से मामले में सख्त कार्रवाई की मांग भी की थी।
खान सर के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर
फायरिंग मामले की जांच के दौरान पुलिस ने खान सर उर्फ फैजल खान के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की है। जानकारी के अनुसार हत्या के प्रयास और शस्त्र अधिनियम से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने खान सर के दोनों सुरक्षा कर्मियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज (Khan Sir) दिया है। उनके हथियार जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों ने लगाया साजिश का आरोप
दूसरी ओर ज्ञान बिंदु कोचिंग से जुड़े छात्र लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि कोचिंग संस्थान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि बेहतर परिणाम आने के कारण संस्थान को निशाना बनाया जा रहा है।
कुछ छात्रों और शिक्षकों ने दावा किया कि पूरे विवाद की शुरुआत पोस्टर फाड़ने की घटना से हुई थी, जिसके बाद मामला बढ़ता चला गया। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
जांच पर टिकी सबकी नजर
पटना में हुए इस विवाद ने शिक्षा जगत और राजनीतिक गलियारों दोनों में हलचल (Khan Sir) मचा दी है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और अदालत की आगामी कार्यवाही पर टिकी हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।




