सीजी भास्कर, 24 जून। धमतरी जिले के एक गांव में शासकीय भूमि को लेकर विवाद गहराता नजर (Land Encroachment) आ रहा है। बड़ी संख्या में ग्रामीण मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन के सामने अपनी नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से गांव की सार्वजनिक जमीन पर कब्जे का मामला बना हुआ है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
250 एकड़ शासकीय भूमि पर कब्जे का आरोप Land Encroachment
मगरलोड विकासखंड के ग्राम कोरगांव के ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गांव की करीब 250 एकड़ शासकीय भूमि पर पिछले लगभग दस वर्षों से अवैध कब्जा किया जा रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि बाहरी लोगों द्वारा लगातार अतिक्रमण बढ़ने से सार्वजनिक उपयोग की जमीन प्रभावित हो रही है।
चरागाह भूमि पर भी असर
ग्रामीणों के अनुसार कब्जे का सबसे ज्यादा असर चरागाह भूमि पर पड़ा है। पशुपालकों को अपने मवेशियों के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल रही है, जिससे गांव में पशुपालन से जुड़ी समस्याएं बढ़ने लगी हैं।
कई बार कर चुके हैं शिकायत
ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले को लेकर वे पहले भी कई बार प्रशासनिक अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज करा चुके हैं। इसके बावजूद जमीन से अतिक्रमण हटाने की दिशा में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन
कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर (Land Encroachment) होंगे। ग्रामीणों ने चक्का जाम सहित अन्य जन आंदोलन की भी चेतावनी दी है।
कलेक्टर ने दिया जांच का आश्वासन
मामले को लेकर कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने कहा कि शिकायत की जानकारी संबंधित तहसीलदार को दे दी गई है। उन्होंने बताया कि शासकीय भूमि की सीमाओं को सुरक्षित करने और मामले की जांच के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। नियमानुसार जांच के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।





