करोड़ों की जमीन हड़पने का खेल
सीजी भास्कर, 18 मई। सरगुजा जिले में जमीन हड़पने का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें 68 वर्षीय महिला ने अपनी करोड़ों रुपये की जमीन की फर्जी तरीके से रजिस्ट्री कराने का आरोप लगाया है। (Fake land registry complaint)
पीड़िता का कहना है कि उनसे केवल 24 डिसमिल जमीन बेचने का सौदा हुआ था, लेकिन जमीन दलालों ने जालसाजी कर पूरी 3.17 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री करा ली। इस मामले को लेकर पीड़िता के साथ गांव के लोग आज कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई। (Fake land registry complaint)
यह मामला मणिपुर थाना क्षेत्र के भिट्ठीकला महुआ टिकरा का है। पीड़िता सावित्री यादव ने आरोप लगाया कि उन्हें सौदे के दौरान केवल सीमित जमीन बेचने की बात बताई गई थी, लेकिन बाद में दस्तावेजों में हेराफेरी कर पूरी जमीन का हस्तांतरण कर दिया गया।
उनका कहना है कि इस जमीन की वास्तविक कीमत 5 करोड़ रुपये से अधिक है। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव के डोमन राजवाड़े ने दलाली की भूमिका निभाई और पूरे मामले में कूटरचना कर जमीन हड़प ली।
इसके अलावा उन्होंने रायपुर निवासी पुष्पा अग्रवाल, अनिल अग्रवाल सहित कुल छह लोगों के नाम भी शिकायत में शामिल किया है। पीड़िता ने सरगुजा कलेक्टर से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
पीड़िता का आरोप : Fake land registry complaint
पीड़ित महिला सावित्री यादव ने बताया कि मेरी जमीन दलाल लोग लूट लिए हैं। 24 डिसमिल जमीन बेची थी और जालसाजी कर लगभग 3 एकड़ 17 डिसमिल जमीन की पूरी रजिस्ट्री करा ली गई है।
उन्होंने बताया कि यह जालसाजी डूमर रजवाड़े नामक व्यक्ति ने की है, जो टिकरा क्षेत्र का ही रहने वाला है। उनसे पूछा गया कि जमीन किस आधार पर ली गई थी, तो बताया गया कि जितनी जमीन बेची गई थी, उतनी ही ली गई थी, लेकिन बाद में पूरी जमीन की रजिस्ट्री करा ली गई।
आरोप यह है कि जालसाजी कर पूरी जमीन का गलत तरीके से रजिस्ट्री करा लिया गया। पीड़िता का कहना है कि उनसे कागजात लेकर और भरोसा दिलाकर हस्ताक्षर कराए गए।
उन्होंने इस गड़बड़ी में पटवारी और अन्य कर्मचारियों की संदिग्ध भूमिका पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्री के समय भी पूरी जानकारी नहीं दी गई और धोखाधड़ी की गई।
पीड़िता ने कहा कि उन्हें अपनी जमीन वापस चाहिए। उन्होंने प्रशासन से न्याय की मांग करते हुए कहा कि उनकी जमीन जिस तरह से ली गई है, उसी तरह उन्हें वापस दिलाई जाए।
Fake land registry complaint : कलेक्टर का बयान
मामले में कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि ग्रामीण आए थे और उनकी यह शिकायत है कि किसी व्यक्ति ने उनसे कम जमीन का पैसा देकर ज्यादा जमीन की रजिस्ट्री करवा ली है। इसके बारे में उन्हें जानकारी दी गई है कि रजिस्ट्री को निरस्त करने का अधिकार सिविल कोर्ट के पास है। उन्हें सिविल कोर्ट में आवेदन दायर करना होगा।

नामांतरण के स्तर पर उन्हें यह सलाह दी गई है कि वे अनुविभागीय अधिकारी के कोर्ट में नामांतरण के विरुद्ध में अपील करें। अगर नामांतरण में कोई त्रुटि पाई जाती है, तो नामांतरण निरस्त करने की कार्रवाई अनुविभागीय अधिकारी द्वारा की जाएगी।



