सीजी भास्कर, 3 दिसंबर। छत्तीसगढ़ में जमीन की खरीदी–बिक्री के लिए कलेक्टर गाइडलाइन दरों (Land Guideline Chhattisgarh) में की गई अचानक वृद्धि ने राज्यभर में हलचल पैदा कर दी है। बढ़ी हुई दरों का सीधा बोझ किसान, व्यापारी, मध्यम वर्ग और आम नागरिकों पर पड़ रहा है, जिसके कारण लोगों में असंतोष बढ़ने लगा है। इसी परिप्रेक्ष्य में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस बढ़ोतरी को तुरंत स्थगित करने की मांग की है।
अपने पत्र (Land Guideline Chhattisgarh) में अग्रवाल ने स्पष्ट किया है कि नई गाइडलाइन दरें लागू होने से जमीन से जुड़े सभी प्रकार के लेनदेन प्रभावित हो रहे हैं। किसानों को अपनी कृषि भूमि के विक्रय और क्रय में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है, जबकि व्यापारिक और आवासीय भूमि खरीदने वाले लोगों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अचानक हुई यह वृद्धि न केवल जमीन बाजार को प्रभावित कर रही है, बल्कि आम नागरिकों की योजनाओं पर भी प्रतिकूल असर डाल रही है।
सांसद बृजमोहन ने सीएम विष्णु देव साय से अनुरोध किया है कि जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए और तत्काल प्रभाव से पुरानी दरों को बहाल किया जाए। उनका कहना है कि गाइडलाइन दरों में अनियोजित बढ़ोतरी से लोगों की आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, इसलिए यह जरूरी है कि सरकार संवेदनशीलता और व्यावहारिकता के साथ फैसला ले।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया है कि मुख्यमंत्री जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए इस मामले को गंभीरता से देखेंगे और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे। सांसद ने जोर देकर कहा कि भूमि गाइडलाइन जैसी नीतियां जनजीवन से सीधे जुड़ी होती हैं, इसलिए निर्णय संतुलित और व्यवहारिक होना चाहिए।



