सीजी भास्कर, 11 जून : रायपुर जिले में कुष्ठ रोग की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 15 जून से 15 जुलाई 2026 तक विशेष कुष्ठ रोग खोज अभियान (Leprosy Detection Campaign) चलाया जाएगा। अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की सर्वेक्षण टीमें घर-घर पहुंचकर लोगों की स्वास्थ्य जांच करेंगी और संभावित मरीजों की पहचान कर उन्हें निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। अभियान की तैयारियों को लेकर जिला अंतर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आवश्यक सहयोग और समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि समय रहते रोग की पहचान होने से न केवल मरीजों का उपचार आसान हो जाता है, बल्कि रोग के प्रसार को रोकने में भी मदद मिलती है। इसी उद्देश्य से जिलेभर में व्यापक स्तर पर सर्वेक्षण अभियान संचालित किया जाएगा।
जिले में 587 मरीजों का चल रहा उपचार
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार रायपुर जिले की कुल जनसंख्या 28 लाख 57 हजार 744 है। वर्ष 2026 में अब तक जिले में 124 नए कुष्ठ रोगियों की पहचान की जा चुकी है। इनमें 22 पीबी (पॉसीबैसिलरी) और 102 एमबी (मल्टीबैसिलरी) श्रेणी के मरीज शामिल हैं। वर्तमान में जिले में कुल 587 मरीज उपचाररत हैं, जबकि कुष्ठ रोग की व्यापकता दर 2.05 दर्ज की गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार जिले में रोग की पहचान और उपचार की प्रक्रिया लगातार जारी है। अभियान के माध्यम से ऐसे मरीजों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा जो अभी तक स्वास्थ्य जांच या उपचार से वंचित हैं।
घर-घर जाकर की जाएगी स्वास्थ्य जांच
अभियान के लिए दो सदस्यीय सर्वेक्षण टीमों का गठन किया गया है, जिनमें एक महिला और एक पुरुष सदस्य शामिल रहेंगे। ये टीमें निर्धारित क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर लोगों की जांच करेंगी और कुष्ठ रोग से जुड़े संभावित लक्षणों की जानकारी एकत्र करेंगी।
सर्वेक्षण के दौरान त्वचा पर सुन्न दाग-धब्बे, शरीर के किसी हिस्से में संवेदना कम होना, हथेलियों और पैरों में झुनझुनी, हाथ-पैरों की नसों में कमजोरी तथा उंगलियों, पलकों या चेहरे की मांसपेशियों में कमजोरी जैसे लक्षणों की जांच की जाएगी। यदि किसी व्यक्ति में संदिग्ध लक्षण पाए जाते हैं तो उसे आगे की जांच और पुष्टि के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा जाएगा।
पुष्टि होने पर मिलेगा निःशुल्क उपचार Leprosy Detection Campaign
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि जांच के दौरान कुष्ठ रोग की पुष्टि होने पर मरीजों को निःशुल्क मल्टी ड्रग थेरेपी (एमडीटी) उपलब्ध कराई जाएगी। यह उपचार विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा अनुशंसित है और रोग को नियंत्रित करने में प्रभावी माना जाता है। समय पर उपचार शुरू होने से रोग से होने वाली विकलांगता और अन्य जटिलताओं को भी रोका जा सकता है।
विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि सर्वेक्षण टीमों को सही जानकारी दें और जांच में पूरा सहयोग करें। अधिकारियों का कहना है कि कुष्ठ रोग पूरी तरह उपचार योग्य बीमारी है और समय पर पहचान होने पर मरीज सामान्य जीवन जी सकता है। इसलिए किसी भी प्रकार के संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य जांच कराना आवश्यक है।



