सीजी भास्कर, 28 जुलाई। सुहेला और आसपास के गांवों में इन दिनों नई चूना पत्थर खदान को लेकर (Limestone Mining) चर्चा तेज हो गई है। गांव की चौपालों से लेकर पंचायत तक एक ही सवाल उठ रहा है कि आखिर जिस जगह पर काम चल रहा है, वहां सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी हुई हैं या नहीं। इसी मुद्दे ने अब स्थानीय लोगों की चिंता और नाराजगी दोनों बढ़ा दी है।
गांव का माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। ग्रामीण खुलकर अपनी आपत्तियां सामने रख रहे हैं और पंचायत भी इस मामले में सक्रिय नजर आ रही है। लोगों का कहना है कि यदि उनकी बात समय रहते नहीं सुनी गई तो आने वाले दिनों में विरोध और व्यापक रूप ले सकता है।

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नई खदान में बिना अनुमति काम शुरू करने का आरोप Limestone Mining
बलौदाबाजार जिले की चंडी ग्राम पंचायत क्षेत्र में संचालित सीमेंट कंपनी की नई चूना पत्थर खदान को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्राम पंचायत और ग्रामीणों का आरोप है कि नई पर्यावरणीय अनुमति और ग्राम पंचायत की सहमति लिए बिना नई खदान में खनन, क्रशर निर्माण तथा कन्वेयर लाइन का कार्य शुरू कर दिया गया है। इसी को लेकर लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
पंचायत ने प्रशासन से की कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी नियमों की अनदेखी करते हुए काम कर रही है। पंचायत का दावा है कि वर्तमान में चल रहे निर्माण कार्य के लिए नई ग्रामसभा और ग्राम पंचायत से अनुमति नहीं ली गई। इसी आधार पर पंचायत ने कलेक्टर से हस्तक्षेप करते हुए निर्माण कार्य तत्काल रुकवाने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है।
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मुख्यमंत्री से लेकर केंद्र तक भेजी गई शिकायत
ग्रामीणों के मुताबिक इस मामले की शिकायत जिला प्रशासन के साथ साथ मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय और संबंधित विभागों को भी भेजी गई है। ग्रामीणों ने कहा है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई तो चंडी सहित आसपास के प्रभावित गांवों के लोग संयुक्त रूप से शांतिपूर्ण लेकिन व्यापक जनआंदोलन शुरू करेंगे।
कंपनी ने आरोपों को बताया निराधार Limestone Mining
दूसरी ओर कंपनी प्रबंधन ने सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। कंपनी का कहना है कि संबंधित खदान के लिए वर्ष 2013 में पर्यावरणीय जनसुनवाई समेत सभी आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियां प्राप्त की जा चुकी हैं। प्रबंधन के अनुसार वर्तमान में उसी स्वीकृत क्षेत्र में निर्माण कार्य किया जा रहा है और नई पर्यावरणीय अनुमति की आवश्यकता नहीं है। कंपनी का दावा है कि सभी गतिविधियां नियमों के अनुरूप संचालित हो रही हैं।
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जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
जिला खनिज विभाग का कहना है कि शिकायत प्राप्त हो चुकी है। विभाग दस्तावेजों की जांच और मौके का निरीक्षण (Limestone Mining) करेगा। जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब पूरे मामले में प्रशासन की जांच और उसके फैसले पर ग्रामीणों तथा कंपनी दोनों की नजरें टिकी हुई हैं।
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रिपोर्टर : ऐश कुमार साहू



