सीजी भास्कर, 25 जून। रायपुर के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट इंग्लिश मीडियम स्कूल की कक्षा 10वीं की छात्रा महिमा राजपूत का अंतरराष्ट्रीय स्पेस मिशन ‘शक्तिसैट’ के लिए राष्ट्रीय फाइनलिस्ट के रूप में चयन हुआ है। इस उपलब्धि के साथ वह दुनिया के 108 देशों की छात्राओं के साथ अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े विशेष मिशन में भाग लेंगी और भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। (Mahima Rajput Space Mission Selection)
देशभर से प्राप्त हजारों आवेदनों के बीच महिमा ने ऑनलाइन परीक्षा, मूल्यांकन और इंटरव्यू सहित चयन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों को सफलतापूर्वक पार किया। महिमा ने अपनी सफलता को पूरे प्रदेश और देश के लिए गर्व का क्षण बताया है।
अगस्त में दिल्ली में होगा विशेष प्रशिक्षण शिविर : Mahima Rajput Space Mission Selection
महिमा अगस्त 2026 में नई दिल्ली में आयोजित आठ दिवसीय शक्तिसैट वर्कशॉप में हिस्सा लेंगी। इस दौरान उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान, उपग्रह तकनीक और स्पेस मिशन से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में छात्राएं उपग्रह निर्माण और अंतरिक्ष अभियानों की तकनीकी प्रक्रिया को करीब से समझेंगी।
महिमा ने बताया कि उन्हें पेंटिंग और स्टोरी राइटिंग का शौक है। भविष्य में वह प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय परिवार, शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन को दिया है।
108 देशों की छात्राएं मिलकर बनाएंगी दो उपग्रह
23 अगस्त से शुरू होने वाली इस अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला में 108 देशों की छात्राएं मिलकर दो उपग्रह तैयार करेंगी। छात्राओं को डिजाइन, तकनीकी विकास, मिशन प्लानिंग और वैज्ञानिक अनुसंधान की विभिन्न प्रक्रियाओं में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
मिशन के तहत तैयार किए जाने वाले एक उपग्रह को चंद्रमा की कक्षा में स्थापित करने की योजना है, जबकि दूसरा चंद्र सतह पर उतरने के उद्देश्य से विकसित किया जाएगा। इस परियोजना के माध्यम से छात्राओं को वास्तविक अंतरिक्ष अभियानों की चुनौतियों और तकनीकों को समझने का अवसर मिलेगा।
अक्टूबर में इसरो लॉन्च पैड से प्रस्तावित है प्रक्षेपण : Mahima Rajput Space Mission Selection
परियोजना के तहत तैयार उपग्रहों का प्रक्षेपण अक्टूबर 2026 में श्रीहरिकोटा स्थित इसरो के लॉन्च पैड से प्रस्तावित है। यह मिशन दुनिया भर की छात्राओं को अंतरिक्ष विज्ञान, रोबोटिक्स और वैज्ञानिक नवाचारों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
महिमा ने बताया कि चयन प्रक्रिया और इंटरव्यू की तैयारी में उनकी शिक्षिका योगेश्वरी लहरी का विशेष योगदान रहा। वहीं विद्यालय की प्राचार्य और शिक्षकों ने भी लगातार मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान किया।
महिमा का कहना है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर विद्यार्थी किसी भी क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। उनकी इस सफलता से प्रदेश के विद्यार्थियों में विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान के प्रति नई प्रेरणा पैदा हुई है।



