सीजी भास्कर, 07 जुलाई। छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना (Mahtari Vandan Yojana) में ई-केवाईसी के दौरान एक ऐसी चूक सामने आई है, जिसने पूरी सत्यापन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खैरागढ़ परियोजना के मुढ़ीपार निवासी तिलोक साहू का आवेदन महिला हितग्राही के रूप में स्वीकृत हो गया। हैरानी की बात यह है कि आवेदन में हितग्राही और पति, दोनों के नाम की जगह तिलोक साहू का ही नाम दर्ज था। इसके बावजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सुपरवाइजर स्तर पर सत्यापन के बाद करीब एक वर्ष तक उसके खाते में योजना की राशि जारी होती रही।
ई-केवाईसी के दौरान सामने आया मामला
मामले का खुलासा तब हुआ, जब जिले में महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों की ई-केवाईसी अभियान चलाया जा रहा था। सत्यापन के दौरान रिकॉर्ड की जांच में पता चला कि एक पुरुष का आवेदन महिला हितग्राही के रूप में स्वीकृत है और उसके खाते में लगातार किस्तें भी जारी की गईं। इसके बाद विभागीय कार्यप्रणाली और ऑनलाइन सत्यापन प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं।
ट्रायल के लिए किया आवेदन, मंजूर हो गया
तिलोक साहू ने बताया कि वह कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) का संचालक है। योजना का पोर्टल शुरू होने के दौरान आवेदन प्रक्रिया को समझने और ट्रायल के उद्देश्य से उसने अपने ही नाम से आवेदन भर दिया था। उसे उम्मीद नहीं थी कि आवेदन स्वीकृत हो जाएगा, लेकिन आवेदन मंजूर हो गया और उसके खाते में योजना की किस्तें आने लगीं। तिलोक का दावा है कि उसके खाते में 10 किस्तों की राशि आई थी, जिसे उसने बाद में वापस कर दिया है। हालांकि विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार लगभग 12 महीने तक राशि जारी होने की बात सामने आई है।
दो स्तर की जांच के बाद भी नहीं पकड़ में आई गलती
ऑनलाइन रिकॉर्ड के अनुसार आवेदन “पब्लिक” श्रेणी के माध्यम से दर्ज किया गया था। इसके बाद संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र ने आवेदन का सत्यापन किया और फिर सुपरवाइजर स्तर पर भी उसे मंजूरी दे दी गई। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आवेदन में हितग्राही और पति दोनों के कॉलम में एक ही व्यक्ति का नाम दर्ज होने के बावजूद यह त्रुटि किसी भी स्तर पर क्यों नहीं पकड़ी गई। इससे सत्यापन प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
रिकवरी पर भी उठे सवाल
खैरागढ़ परियोजना अधिकारी रंजना श्रीवास्तव ने बताया कि संबंधित हितग्राही से राशि की वसूली की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार अब तक लगभग 10 हजार रुपये की रिकवरी हुई है, जबकि आवेदन के आधार पर करीब 12 महीने तक राशि जारी होने की बात सामने आई है। शेष राशि की वसूली की प्रक्रिया जारी है।
जिले में 98 प्रतिशत ई-केवाईसी पूरी
जिले में महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों की ई-केवाईसी अभियान जारी है। राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-चौकी तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों में कुल 2,40,996 हितग्राहियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें जून तक 2,36,886 हितग्राहियों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है, जबकि 10,222 हितग्राहियों का सत्यापन अभी बाकी है, जिसे अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
सत्यापन व्यवस्था पर खड़े हुए सवाल
इस पूरे मामले ने केवल एक गलत आवेदन ही नहीं, बल्कि योजना की ऑनलाइन जांच और सत्यापन प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निगाहें इस बात पर हैं कि विभाग इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है और भविष्य में ऐसी चूक रोकने के लिए कौन से सुधारात्मक कदम उठाए जाते हैं।



