सीजी भास्कर, 29 जुलाई : कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) से जुड़ा एक मामला फिर चर्चा में है। पंजाब के संगरूर की एक अदालत ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। कोर्ट ने कहा है कि उन्हें 19 सितंबर 2026 को खुद अदालत में आना होगा और जमानत लेनी होगी।
यह मामला करीब तीन साल पुराना है और एक बयान से जुड़ा है। शिकायत मिलने के बाद अदालत में इस पर सुनवाई चल रही थी। अब कोर्ट ने आगे की कार्रवाई करते हुए यह आदेश दिया है। अगर तय तारीख पर खड़गे अदालत नहीं पहुंचे, तो उनके खिलाफ और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
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2023 के बयान से जुड़ा है मामला
आपको बता दें कि, यह मामला साल 2023 का है। संगरूर के रहने वाले हितेश भारद्वाज ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव के समय खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने बजरंग दल को लेकर ऐसा बयान दिया था, जिस पर आपत्ति है।
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कोर्ट ने जारी किया जमानती वारंट
अदालत ने मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ ₹15,000 का जमानती वारंट जारी किया है। कोर्ट ने उन्हें 19 सितंबर 2026 को खुद पेश होने और जमानत लेने का निर्देश दिया है। बताया गया कि अब इस मामले में आगे कानूनी प्रक्रिया चलेगी।
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पेश नहीं हुए तो बढ़ सकती है मुश्किल
कोर्ट ने साफ कहा है कि अगर खड़गे (Mallikarjun Kharge) तय तारीख पर अदालत में पेश नहीं होते हैं, तो उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किया जा सकता है। ऐसे में अगली सुनवाई उनके लिए अहम मानी जा रही है।
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क्या है मामला Mallikarjun Kharge
मालूम हो कि खड़गे (Mallikarjun Kharge) पर बजरंग दल की तुलना पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से करने का आरोप लगा है। यह विवाद साल 2023 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान शुरू हुआ था। उस दौरान कांग्रेस ने अपने चुनावी मेनिफेस्टो में इन दोनों संगठनों का एक साथ जिक्र किया था।
पीएफआई एक संगठन था, जिस पर भारत सरकार ने साल 2022 में प्रतिबंध लगा दिया। सरकार का कहना है कि इस संगठन पर देश की सुरक्षा से जुड़े गंभीर आरोप थे। इसी कारण इसे UAPA कानून के तहत गैरकानूनी घोषित किया गया।
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