सीजी भास्कर, 29 मई : राजधानी रायपुर से सटे मंदिर हसौद (Mandir Hasaud Murder Case) इलाके में छह दिनों से लापता एक युवक की हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मंदिर हसौद के वार्ड पार्षद नोहर दास रात्रे उर्फ गोलू रात्रे समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने आपसी विवाद के बाद युवक की हत्या कर साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को महासमुंद जिले के नांदगांव में महानदी के किनारे रेत में दफना दिया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
गुमशुदगी की रिपोर्ट से शुरू हुई जांच
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान भुनेश्वर यादव (38 वर्ष), निवासी इंदिरा कॉलोनी, मंदिर हसौद के रूप में हुई है। मृतक की पत्नी ईश्वरी यादव ने मंदिर हसौद (Mandir Hasaud Murder Case) थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पति 22 मई 2026 की रात करीब 10 बजे स्थानीय पार्षद नोहर दास रात्रे के गोदाम गए थे, जिसके बाद से वे घर वापस नहीं लौटे। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने गुम इंसान क्रमांक 59/2026 दर्ज कर मामले की तकनीकी और वैज्ञानिक जांच शुरू की।
तकनीकी साक्ष्यों से खुला राज
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मृतक के मोबाइल लोकेशन की जांच की। संदेह के आधार पर जब पार्षद नोहर दास रात्रे, अमित राजपूत और हेमचंद बंजारे को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उन्होंने पूरी घटनाक्रम का खुलासा कर दिया।
शराब पार्टी के दौरान हुआ था विवाद
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि 22 मई की रात वे सभी पार्षद के गोदाम में मौजूद थे। बाद में वे एक ब्रेजा कार (क्रमांक CG 04 PH 9996) से महासमुंद की ओर निकले। रास्ते में ग्राम बेलसोंडा और नांदगांव के बीच रेलवे क्रॉसिंग के पास शराब के नशे में भुनेश्वर यादव और पार्षद नोहर दास के बीच तीखी बहस हो गई।
विवाद बढ़ने पर भुनेश्वर ने पार्षद के साथ गाली-गलौज की, जिससे उत्तेजित होकर पार्षद और उसके साथियों (अमित राजपूत और हेमचंद बंजारे) ने भुनेश्वर के साथ गंभीर मारपीट शुरू कर दी। इस मारपीट के दौरान भुनेश्वर यादव कार के भीतर ही बेसुध हो गया और कुछ ही देर में उसकी मृत्यु हो गई।
साक्ष्य छिपाने महानदी में दफनाया शव
युवक की मौत के बाद आरोपी घबरा गए। उन्होंने कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए महासमुंद के नांदगांव निवासी श्रवण जांगड़े (पार्षद के मामा) से संपर्क किया। इसके बाद चारों आरोपियों ने मिलकर शव को छुपाने की योजना बनाई और देर रात महानदी के शांत किनारे पर रेत खोदकर शव को दफन कर दिया।
शव बरामद, नए कानून के तहत मामला दर्ज
28 मई को रायपुर और महासमुंद पुलिस की संयुक्त टीम आरोपियों को लेकर घटना स्थल (Mandir Hasaud Murder Case) पर पहुंची। कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में रेत का उत्खनन कर शव को बाहर निकाला गया, जिसकी पहचान परिजनों ने की। पंचनामा की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए रायपुर के मेकाहारा अस्पताल भेज दिया गया है।
महासमुंद थाना पुलिस ने इस मामले में चारों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) (हत्या), 238 (साक्ष्य छिपाना) और 3(5) (समान आशय) के तहत अपराध क्रमांक 322/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद न्यायालय के समक्ष मजबूत चार्जशीट पेश की जाएगी।





