सीजी भास्कर, 27 जनवरी। बर्खास्त किए जाने से आहत नगर सैनिक (होमगार्ड) संतोष पटेल द्वारा जहर पीकर आत्महत्या की कोशिश (Municipal Soldier Strike) किए जाने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। गंभीर हालत में संतोष पटेल को बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है, वहीं दूसरी ओर उसके समर्थन में नगर सैनिकों ने मंगलवार को काम बंद कर धरना शुरू कर दिया।
सुबह करीब 11 बजे से नगर सैनिक राजगामार रोड स्थित जिला सेनानी कार्यालय में वर्दी पहनकर जुटने लगे। करीब 12.30 बजे सभी ने काम बंद करने की घोषणा करते हुए कार्यालय परिसर में ही धरना शुरू कर दिया। हाथों में मांगों की तख्तियां लेकर नगर सैनिकों ने जमकर नारेबाजी की। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में महिला नगर सैनिकों की भी भागीदारी रही।
आंदोलनरत नगर सैनिकों का आरोप है कि लगातार शिकायतों के बावजूद जिला नगर सेनानी अनुज एक्का के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं (Municipal Soldier Strike) की जा रही है। नगर सैनिकों की प्रमुख मांगों में जिला सेनानी का तत्काल तबादला, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और बर्खास्त नगर सैनिक संतोष पटेल को बहाल कर पुनः तैनात करना शामिल है।
गौरतलब है कि गणतंत्र दिवस की सुबह 46 वर्षीय नगर सैनिक संतोष पटेल ने कलेक्ट्रेट परिसर में कीटनाशक दवा का सेवन कर आत्महत्या करने की कोशिश की थी। उसकी जेब से मिले सुसाइड नोट में संभागीय सेनानी नर्सिंग नेताम और जिला नगर सेनानी अनुज एक्का पर प्रताड़ना और साजिश के तहत बर्खास्त करने का आरोप लगाया गया है।
सुसाइड नोट में संतोष ने अपनी पारिवारिक मजबूरी का भी जिक्र (Municipal Soldier Strike) किया है। उसने लिखा है कि उसके तीन बच्चे हैं और बुजुर्ग माता-पिता की जिम्मेदारी भी उसी पर है। बर्खास्तगी के बाद रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया था, जिसके चलते उसे यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
नगर सैनिकों का कहना है कि जिला नगर सेनानी अनुज एक्का पर पहले भी अभद्रता और दुर्व्यवहार के आरोप लग चुके हैं। महिला नगर सैनिकों द्वारा भी अशोभनीय व्यवहार की शिकायतें की गई थीं। इसके अलावा पुनर्नामांकन के नाम पर 50 हजार रुपये की रिश्वत लेने जैसे गंभीर आरोप भी सामने आए थे, हालांकि बाद में जांच में शिकायत को झूठा बताकर संतोष के खिलाफ कार्रवाई कर दी गई और उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
लगातार विरोध और गंभीर आरोपों के बावजूद अब तक किसी अधिकारी पर कार्रवाई नहीं होने से नगर सैनिकों में भारी आक्रोश है। धरने पर बैठे नगर सैनिकों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती और संतोष पटेल को न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।




