सीजी भास्कर, 17 मई। खैरागढ़, बख्शी मार्ग स्थित राधाकृष्ण मंदिर में रविवार सुबह उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब मंदिर के ऊपरी छज्जे पर बैठे एक रहस्यमयी जीव पर पुजारी की नजर पड़ी। रोज की तरह मंदिर में पूजा की तैयारियां चल रही थीं, तभी दो चमकती आंखें दिखाई देने से लोगों में कौतूहल और डर दोनों फैल गया। (Mysterious wildlife Palm Civet spotted)
शुरुआत में लोगों को लगा कि कोई सामान्य जंगली जानवर मंदिर में घुस आया है, लेकिन करीब से देखने पर मामला अलग निकला। मंदिर के भीतर दुबका यह जीव लगातार लोगों की हलचल को देख रहा था। सूचना मिलते ही मंदिर परिसर में भारी भीड़ जुट गई और पूरे इलाके में वन्यजीव के घुसने की चर्चा फैल गई।
“कबरबिज्जू” समझ रहे थे लोग, बाद में हुई पाम सिवेट के रूप में पहचान : Mysterious wildlife Palm Civet spotted
स्थानीय लोगों ने पहले इस जीव को “कबरबिज्जू” समझा, लेकिन वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर इसकी पहचान पाम सिवेट के रूप में की। वन अमले ने करीब एक घंटे तक सावधानीपूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, जिसके बाद वन्यजीव को सुरक्षित पकड़ लिया गया।
रेस्क्यू के बाद पाम सिवेट को शहर से दूर वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली।
जंगल सिमटने से शहरों की ओर बढ़ रहा वन्यजीवों का रुख
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, पाम सिवेट का इस तरह आबादी वाले इलाके में दिखाई देना सामान्य घटना नहीं है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में मध्य भारत के कई शहरों और कस्बों में ऐसे मामलों में तेजी आई है। इसकी मुख्य वजह जंगलों का लगातार सिकुड़ना और मानव बस्तियों का तेजी से विस्तार माना जा रहा है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि (Mysterious wildlife Palm Civet spotted) खैरागढ़ के आसपास मौजूद खेत, छोटे जंगल, नाले और पेड़ों की पट्टियां इन जीवों के लिए प्राकृतिक कॉरिडोर का काम करती हैं। भोजन और सुरक्षित ठिकाने की तलाश में ये जीव रात के समय शहर की सीमा तक पहुंच जाते हैं



