सीजी भास्कर, 08 अगस्त। बालोद, डौंडी ब्लॉक के ग्राम पंचायत घोटिया में करीब 19 लाख रुपये की लागत से बनाई गई रिटर्निंग वॉल पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त होकर टूट गई। नदी किनारे बनाई गई इस दीवार के टूटने के बाद ग्रामीणों ने निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में घटिया गुणवत्ता वाली रेत का इस्तेमाल किया गया और निर्धारित स्टीमेट के मुताबिक काम नहीं कराया गया। (Balod Returning Wall Collapse)
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यह रिटर्निंग वॉल घोटिया के मैदान से लगे नदी तट पर बनाई गई थी। इसका उद्देश्य नदी के बहाव से मैदान की मिट्टी के कटाव को रोकना था। निर्माण के लिए ग्राम पंचायत को एजेंसी बनाया गया था और काम ठेकेदार के माध्यम से कराया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया, जिसका नतीजा पहली बारिश में ही सामने आ गया।
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ग्रामीणों ने गुणवत्ताहीन सामग्री के उपयोग का लगाया आरोप : Balod Returning Wall Collapse
ग्रामीणों के मुताबिक, निर्माण में उसी नदी की रेत का इस्तेमाल किया गया, जो इस तरह के काम के लिए उपयुक्त नहीं थी। उनका आरोप है कि लागत कम करने के लिए गुणवत्ताहीन सामग्री का उपयोग किया गया। इसी वजह से लाखों रुपये की लागत से बनी दीवार पहली बारिश का दबाव भी नहीं झेल सकी।
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चार फीट की जगह दो फीट नींव देने का दावा
ग्रामीणों ने रिटर्निंग वॉल की नींव को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि स्टीमेट के अनुसार दीवार के लिए करीब चार फीट गहरी नींव तैयार की जानी थी, लेकिन मौके पर केवल दो फीट तक ही नींव खोदी गई। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में जिम्मेदार लोगों की लापरवाही के चलते निर्धारित मानकों का पालन नहीं हुआ।
हालांकि तकनीकी सहायक देवेंद्र कुमार भूआर्य ने इन आरोपों से अलग जानकारी देते हुए कहा कि निर्माण कार्य स्टीमेट के अनुसार ही कराया गया है।
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दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग : Balod Returning Wall Collapse
दीवार टूटने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है। उनका कहना है कि जिस उद्देश्य से तट पर यह निर्माण कराया गया था, वह पहली बारिश में ही विफल हो गया। ग्रामीणों ने निर्माण में कथित अनियमितता की जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही संबंधित राशि के भुगतान पर रोक लगाने की भी मांग उठाई गई है।
मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर भी सवाल उठाए गए हैं। मौके पर पहुंचकर टूट चुकी रिटर्निंग वॉल का जायजा लिया गया और निर्माण कार्य में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए।
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प्रशासन ने जांच के दिए संकेत
इस मामले में प्रशासन ने जांच कराने की बात कही है। अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक के अनुसार, पहली बारिश में ही रिटर्निंग वॉल टूटने की घटना की जांच के लिए टीम गठित की जाएगी। जांच रिपोर्ट और टीम की अनुशंसा के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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