सीजी भास्कर, 1 जुलाई। राजधानी रायपुर के नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई (Nakti Demolition Action) के बाद दर्जनों परिवारों की रात खुले आसमान के नीचे गुजरी। सोमवार तड़के करीब 4 बजे बिजली आपूर्ति बंद कर प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की, जिसमें लगभग 80 मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। इस कार्रवाई से बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग प्रभावित हुए तथा कई परिवारों को अपना आशियाना छोड़ना पड़ा।
पुनर्वास को लेकर ग्रामीणों ने उठाए सवाल
रात करीब 11:30 बजे कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई (Nakti Demolition Action) के बाद पुनर्वास के नाम पर बड़े परिवारों को केवल एक कमरा दिया जा रहा है, जहां बिजली, पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दो दिन पहले सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बरसात के मौसम में किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ नहीं होने का आश्वासन दिया था, लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई कर दी गई।
सड़क किनारे बैठने को मजबूर हुए परिवार
कार्रवाई के दौरान कई परिवार अपने घरेलू सामान के साथ सड़क किनारे और मकानों के मलबे के पास बैठे नजर आए। महिलाओं और बच्चों ने बताया कि सुबह से उन्हें भोजन तक नसीब नहीं हुआ और अचानक पुलिस व नगर निगम की टीम पहुंचकर मकानों को तोड़ने लगी। प्रभावित लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में उनके सामने रहने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
प्रशासन ने पुनर्वास शुरू होने का किया दावा
प्रशासन का कहना है कि नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई (Nakti Demolition Action) से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रभावित लोगों को नया रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस आवासों में बसाने के लिए आवंटन किया जा रहा है। नगर निगम की टीम ने कई परिवारों का सामान भी नए आवासों तक पहुंचाने की व्यवस्था की है।
राजनीतिक बयानबाजी भी हुई तेज
इस कार्रवाई को लेकर पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने नाराजगी जताते हुए बरसात के मौसम में की गई कार्रवाई को असंवेदनशील बताया और इसकी निंदा की। वहीं कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय ने आरोप लगाया कि विधायक कॉलोनी निर्माण के लिए 95 से अधिक परिवारों को बेघर किया गया है। उनका कहना है कि लोगों को बारिश के दौरान मकान नहीं तोड़ने का भरोसा दिया गया था, लेकिन प्रशासन ने अपना वादा नहीं निभाया।
स्थायी पुनर्वास की मांग पर अड़े प्रभावित परिवार
कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। विरोध कर रहे लोगों को मौके से हटाया गया, जबकि प्रशासन की ओर से पुलिसकर्मियों और प्रभावित ग्रामीणों को नाश्ते के पैकेट भी वितरित किए गए। प्रभावित परिवारों ने मांग की है कि उन्हें जल्द से जल्द स्थायी पुनर्वास और सभी मूलभूत सुविधाओं से युक्त आवास उपलब्ध कराया जाए।



