सीजी भास्कर, 07 जुलाई : रायपुर के नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई (Nakti Dispute) को लेकर प्रदेश की राजनीति तेज हो गई है। वन मंत्री केदार कश्यप ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि पूरे गांव में नहीं, बल्कि केवल एक वार्ड में सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाया गया है। उन्होंने दावा किया कि प्रभावित परिवारों का पुनर्वास कर उन्हें नया रायपुर में आवास उपलब्ध कराया जा चुका है। वहीं कांग्रेस ने सरकार के दावों को झूठा बताते हुए कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
मंत्री बोले- सिर्फ एक वार्ड में हुई कार्रवाई
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि 29 जून को राजस्व विभाग की जमीन पर हुए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की गई थी। नकटी गांव में कुल 17 वार्ड हैं और कार्रवाई केवल एक वार्ड तक सीमित रही। उन्होंने कहा कि पूरे गांव को उजाड़े जाने की बात पूरी तरह भ्रामक है। मंत्री के अनुसार संबंधित भूमि अभी भी राजस्व विभाग के अधीन है।
2020 में शुरू हुई थी भूमि आबंटन प्रक्रिया
केदार कश्यप ने बताया कि नकटी की 15.47 हेक्टेयर भूमि को आवासीय योजना के लिए आवंटित करने की प्रक्रिया कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2020 में शुरू हुई थी। उनके मुताबिक छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने तत्कालीन कलेक्टर को भूमि आबंटन का प्रस्ताव भेजा था। इसके बाद 2021 में प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ी और इसी दौरान क्षेत्र में अतिक्रमण का दायरा लगातार बढ़ता गया।
पुनर्वास के बाद हटाया गया अतिक्रमण
मंत्री ने कहा कि शुरुआत में करीब तीन हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण था, जो बाद में बढ़कर लगभग 15 हेक्टेयर तक पहुंच गया। प्रशासन ने कार्रवाई से पहले स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रभावित परिवारों से कई दौर की चर्चा की तथा पुनर्वास की व्यवस्था की। उन्होंने बताया कि प्रभावित परिवारों को नया रायपुर में आवास उपलब्ध कराकर मकानों की चाबियां भी सौंपी गईं।
सेरीखेड़ी का उदाहरण देकर कांग्रेस पर निशाना
केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में सेरीखेड़ी में सैकड़ों परिवारों को हटाया गया था, लेकिन उनके पुनर्वास की व्यवस्था नहीं की गई। इसके विपरीत वर्तमान सरकार ने पहले पुनर्वास किया और उसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। उन्होंने विधायक कॉलोनी बनाए जाने के आरोपों को भी निराधार बताते हुए कहा कि भूमि के उपयोग पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
भूपेश बघेल ने सरकार पर लगाए झूठ बोलने के आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार के दावों को खारिज करते हुए कहा कि नकटी मामले में लगातार गलत जानकारी दी जा रही है। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में विधानसभा में भी जानकारी सामने आ चुकी है और एनआरडीए के तत्कालीन सीईओ ने अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। उनके अनुसार पूरा मामला सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है।
मोहम्मद अकबर ने उठाए नए सवाल
पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि एक ओर हाउसिंग बोर्ड विधायक कॉलोनी की योजना से इनकार कर रहा है, वहीं आवास एवं पर्यावरण विभाग के पत्र में सांसद-विधायक कॉलोनी के लिए भूमि खाली कराने का उल्लेख किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपनी गलतियों को छिपाने के लिए अलग-अलग बयान दे रही है तथा जमीन की घेराबंदी की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए।
80 घरों पर चली थी बुलडोजर कार्रवाई
गौरतलब है कि 29 जून को नकटी गांव में करीब 80 घरों पर बुलडोजर कार्रवाई की गई थी। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित परिवारों को ईडब्ल्यूएस (EWS) आवास उपलब्ध कराए गए हैं, जबकि हाउसिंग बोर्ड के अनुसार 77 लोगों ने लगभग 15 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर कब्जा किया था। वहीं कुछ प्रभावित परिवारों का कहना है कि सभी लोगों को अब तक वैकल्पिक आवास उपलब्ध नहीं कराया गया है।



