सीजी भास्कर, 30 जून। राजधानी के नवा रायपुर स्थित ग्राम नकटी में प्रशासन ने सोमवार को बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने (Nakti Encroachment Removal) की कार्रवाई करते हुए 77 अवैध कब्जों पर बुलडोजर चलाया। सुबह तड़के शुरू हुई इस कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। महिलाएं बुलडोजर के सामने बैठ गईं, जबकि कुछ युवाओं ने जेसीबी मशीनों पर पथराव भी किया। विरोध के बावजूद प्रशासन ने अभियान जारी रखते हुए अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई पूरी की।
प्रशासन के मुताबिक इस अभियान में करीब 9 हेक्टेयर शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। कार्रवाई के दौरान भूमि पर बने मकान, बाउंड्रीवाल, शेड और फेंसिंग सहित अन्य अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह भूमि लंबे समय से शासकीय रिकॉर्ड में दर्ज थी और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की गई।
प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का दावा
प्रशासन ने बताया कि कार्रवाई से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था पहले ही सुनिश्चित कर ली गई थी। पात्र परिवारों को नवा रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस आवासों में स्थानांतरित किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से ट्रकों और अन्य वाहनों के माध्यम से परिवारों का घरेलू सामान नए आवासों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई। अधिकारियों का कहना है कि पुनर्वास स्थल पर बिजली, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
ग्रामीण बोले- वर्षों से रह रहे थे, मिल रही थीं सरकारी सुविधाएं
कार्रवाई का विरोध कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि जिस जमीन पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाया, वहां कई परिवार वर्षों से निवास कर रहे थे। उन्हें बिजली, पानी और अन्य सरकारी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही थीं। ग्रामीणों का दावा है कि कई परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी मिला था। ऐसे में अचानक जमीन को अतिक्रमण घोषित कर कार्रवाई किए जाने से लोगों में भारी नाराजगी है।
ग्रामीणों के अनुसार संबंधित भूमि पहले चारागाह के रूप में दर्ज थी, लेकिन बाद में इसे गांव की आबादी क्षेत्र में शामिल कर लिया गया था। उनका कहना है कि वर्षों से निवास करने के बाद अब उन्हें बेदखल करना उचित नहीं है।
बुलडोजर के सामने बैठे ग्रामीण, जेसीबी पर हुआ पथराव
कार्रवाई के दौरान कई महिलाएं और बुजुर्ग बुलडोजर के सामने बैठ गए तथा मकान नहीं तोड़ने की गुहार लगाने लगे। कुछ लोग बुलडोजर के सामने लेट गए और बच्चों के साथ विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने समझाइश के बाद प्रदर्शनकारियों को हटाया और कार्रवाई जारी रखी। इस दौरान कुछ युवाओं ने जेसीबी मशीनों पर पथराव किया तथा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित रखते हुए किसी बड़ी अप्रिय घटना को होने से रोक दिया।
विधायकों के आवास निर्माण की चर्चा भी तेज
कार्रवाई के दौरान यह चर्चा भी रही कि जिस शासकीय भूमि को खाली कराया गया है, वहां भविष्य में विधायकों के लिए आवास निर्माण की योजना प्रस्तावित है। हालांकि प्रशासन ने इस संबंध में किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और न ही इस विषय पर कोई औपचारिक जानकारी साझा की गई है।
विधायक बोले- पुनर्वास की पूरी व्यवस्था की गई
धरसींवा विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए राज्य सरकार और प्रशासन ने पूरी तैयारी की है। उन्होंने बताया कि पात्र 60 परिवारों को सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस आवासों में बसाया गया है, जहां बिजली, पेयजल सहित सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा विस्थापित परिवारों के भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी प्रशासन की ओर से सुनिश्चित की गई हैं।



