CG BhaskarCG Bhaskar
Aa
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य
Aa
CG BhaskarCG Bhaskar
Search
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य
Follow US
Home » Narasimha Dwadashi Vrat Katha : नरसिंह द्वादशी व्रत कथा: भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति और हिरण्यकशिपु के अंत की दिव्य गाथा

Narasimha Dwadashi Vrat Katha : नरसिंह द्वादशी व्रत कथा: भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति और हिरण्यकशिपु के अंत की दिव्य गाथा

By Newsdesk Admin 27/02/2026
Share

सीजी भास्कर, 27 फरवरी। नरसिंह द्वादशी का पावन पर्व भगवान विष्णु के उग्र अवतार नरसिंह को समर्पित (Narasimha Dwadashi Vrat Katha) है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से व्रत रखकर पूजा करने और व्रत कथा का पाठ करने से भक्तों को समस्त पापों से मुक्ति मिलती है और भय-बाधाएं दूर होती हैं। आइए जानते हैं भक्त प्रह्लाद और हिरण्यकशिपु की वह प्रेरणादायक कथा, जिसका पाठ इस दिन विशेष फलदायी माना गया है।

Contents
हिरण्यकशिपु का अहंकार और वरदानभक्त प्रह्लाद की अडिग भक्तिस्तंभ से प्रकट हुए भगवान नरसिंहनरसिंह द्वादशी व्रत का महत्व

हिरण्यकशिपु का अहंकार और वरदान

प्राचीन काल में महर्षि कश्यप और दिति के दो पुत्र हुए – हिरण्याक्ष और हिरण्यकशिपु। दोनों अत्यंत बलशाली असुर थे। जब भगवान विष्णु ने वराह अवतार लेकर हिरण्याक्ष का वध किया, तो हिरण्यकशिपु ने विष्णु को अपना शत्रु मान लिया।

प्रतिशोध की भावना से उसने कठोर तपस्या कर ब्रह्मा जी से वरदान प्राप्त (Narasimha Dwadashi Vrat Katha) किया कि न वह किसी मनुष्य से मरेगा, न पशु से; न दिन में, न रात में; न घर के भीतर, न बाहर; न अस्त्र से, न शस्त्र से। इस वरदान के बाद उसका अहंकार बढ़ गया और उसने स्वयं को ईश्वर घोषित कर दिया।

भक्त प्रह्लाद की अडिग भक्ति

हिरण्यकशिपु के घर पुत्र प्रह्लाद का जन्म हुआ। बालक प्रह्लाद बचपन से ही भगवान विष्णु के परम भक्त थे। पिता के विरोध और अत्याचारों के बावजूद उन्होंने विष्णु भक्ति नहीं छोड़ी।

हिरण्यकशिपु ने प्रह्लाद को अनेक यातनाएं दीं – सांपों के बीच डलवाया, ऊंचे पर्वत से गिरवाया, हाथियों से कुचलवाने का प्रयास किया, यहां तक कि होलिका के साथ अग्नि में बैठा दिया। लेकिन हर बार भगवान विष्णु ने अपने भक्त की रक्षा की।

स्तंभ से प्रकट हुए भगवान नरसिंह

एक दिन क्रोधित होकर हिरण्यकशिपु ने प्रह्लाद से पूछा, “क्या तुम्हारा भगवान इस स्तंभ में भी है?” प्रह्लाद ने निडर होकर कहा, “भगवान कण-कण में हैं।”

तभी हिरण्यकशिपु ने स्तंभ पर प्रहार किया और उसी क्षण स्तंभ से भगवान नरसिंह प्रकट हुए – आधा मनुष्य और आधा सिंह रूप में। संध्या समय (न दिन, न रात), महल की देहरी पर (न अंदर, न बाहर), उन्होंने हिरण्यकशिपु को अपनी जांघ पर रखकर नाखूनों (Narasimha Dwadashi Vrat Katha) से उसका वध किया। इस प्रकार ब्रह्मा के वरदान की सभी शर्तें पूर्ण हुईं और धर्म की विजय हुई।

नरसिंह द्वादशी व्रत का महत्व

नरसिंह द्वादशी का व्रत सच्ची श्रद्धा से करने पर जीवन के संकट दूर होते हैं। यह व्रत भय, रोग और शत्रु बाधा से रक्षा करता है। मान्यता है कि इस दिन कथा-पाठ और भगवान नरसिंह की पूजा करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और अंततः मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह कथा हमें सिखाती है कि सच्ची भक्ति और विश्वास के सामने सबसे बड़ा अहंकार भी टिक नहीं सकता।

You Might Also Like

Budh Purnima 2026 : बुद्ध पूर्णिमा कब है, 30 अप्रैल या 1 मई? अभी दूर करें कन्फ्यूजन, नोट कर लें सही तारीख और शुभ मुहूर्त

Hanuman Jayanti Raipur : हनुमान जन्मोत्सव पर राज्यपाल रमेन डेका ने की विशेष पूजा, प्रदेश की खुशहाली की कामना

Singapore Hindu Temple : सिंगापुर में हिंदू आस्था का विस्तार, नए मंदिर निर्माण को मिली मंजूरी

Letter Hanuman Temple Raipur: ‘चिट्ठी वाले हनुमान जी’ में लिखी जाती है किस्मत, आस्था का अनोखा संगम

Hanuman Jayanti Celebration: भक्ति में डूबा शहर, हर मंदिर में गूंजे जय श्रीराम के जयकारे

Newsdesk Admin 27/02/2026
Share this Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram

ताजा खबरें

Cannabis smuggling of bananas : केलों की आड़ में गांजा तस्करी का खुलासा, 4.5 करोड़ का माल जब्त- आरोपी गिरफ्तार

Cannabis smuggling of bananas

Insurance claim fraud : दुर्घटना बीमा क्लेम में फर्जीवाड़ा, वकील-नोटरी पर FIR दर्ज

Insurance claim fraud

Dry canteen built in 3 months : SP भावना गुप्ता का सराहनीय कदम, 3 महीने में बनी ड्राई कैंटीन

Dry canteen built in 3 months

कांग्रेस ने सोशल मीडिया ग्रुप से 5 प्रवक्ता हटाए, कहा- एक्टिव नहीं थे

सीजी भास्कर 18 अप्रैल छत्तीसगढ़ कांग्रेस में इन…

क्षमता से ज्यादा सवारी बैठाने पर कार्रवाई, 6 बसों के कटे चालान

सीजी भास्कर 18 अप्रैल गरियाबंद। यात्री सुरक्षा और सड़क…

You Might Also Like

देश-दुनियाधर्म

Budh Purnima 2026 : बुद्ध पूर्णिमा कब है, 30 अप्रैल या 1 मई? अभी दूर करें कन्फ्यूजन, नोट कर लें सही तारीख और शुभ मुहूर्त

08/04/2026
छत्तीसगढ़धर्म

Hanuman Jayanti Raipur : हनुमान जन्मोत्सव पर राज्यपाल रमेन डेका ने की विशेष पूजा, प्रदेश की खुशहाली की कामना

02/04/2026
देश-दुनियाधर्म

Singapore Hindu Temple : सिंगापुर में हिंदू आस्था का विस्तार, नए मंदिर निर्माण को मिली मंजूरी

02/04/2026
छत्तीसगढ़धर्म

Letter Hanuman Temple Raipur: ‘चिट्ठी वाले हनुमान जी’ में लिखी जाती है किस्मत, आस्था का अनोखा संगम

02/04/2026
छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। इसके साथ ही हम महत्वपूर्ण खबरों को अपने पाठकों तक सबसे पहले पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
क्विक लिंक्स
  • ट्रेंडिंग
  • देश-दुनिया
  • राज्य
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • अपराध
  • धर्म
  • शिक्षा
  • अन्य

हमारे बारे में

मुख्य संपादक : डी. सोनी

संपर्क नंबर : +91 8839209556

ईमेल आईडी : cgbhaskar28@gmail.com

© Copyright CGbhaskar 2025 | All Rights Reserved | Made in India by MediaFlix

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?