सीजी भास्कर, 12 नवम्बर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बीजापुर (Naxal Encounter Bijapur) में सुरक्षाबलों द्वारा की गई नक्सल विरोधी कार्रवाई की सराहना करते हुए इसे “लाल आतंक के अंत की दिशा में निर्णायक सफलता” बताया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि (DRG STF joint operation) छत्तीसगढ़ पुलिस की डीआरजी (District Reserve Guard) और एसटीएफ (Special Task Force) की संयुक्त टीम ने बीजापुर के जंगलों में नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में छह नक्सलियों को ढेर कर दिया।
साय ने इस अभियान को सुरक्षाबलों के साहस, समर्पण और रणनीतिक क्षमता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद अब अपने अंतिम दौर में है और सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई से नक्सली नेटवर्क तेजी से कमजोर हो रहा है।
31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकारें एक साझा मिशन के तहत (End of Naxalism Mission 2026) काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि “31 मार्च 2026 तक देश और प्रदेश से नक्सलवाद समाप्त करने का संकल्प केवल एक घोषणा नहीं, बल्कि एक ठोस योजना है। बीजापुर की यह सफलता उसी दिशा में एक मजबूत कदम है।”
साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ इस मिशन को आगे बढ़ा रही है। नक्सल प्रभावित इलाकों में पुलिस बल की उपस्थिति बढ़ाई जा रही है, सड़कों और संचार सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है, ताकि विकास की रोशनी इन इलाकों तक पहुंचे और हिंसा की जगह विश्वास कायम हो।
Naxal Encounter Bijapur बीजापुर एनकाउंटर में भारी हथियार बरामद
सूत्रों के अनुसार, मुठभेड़ स्थल से बड़ी मात्रा में हथियार, कारतूस, विस्फोटक सामग्री और नक्सली साहित्य बरामद किया गया है। सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है। अधिकारियों ने बताया कि कुछ घायल नक्सली जंगल की ओर भाग निकले हैं, जिनकी तलाश जारी है।
छत्तीसगढ़ सरकार नक्सल प्रभावित जिलों में सड़कों, स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों और रोजगार मिशनों पर विशेष फोकस कर रही है। बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर और दंतेवाड़ा जिलों में 2026 तक 200 से अधिक ग्रामीण विकास परियोजनाएं पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।



