सीजी भास्कर, 07 जुलाई : छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई (NSUI Election) ने संगठनात्मक चुनाव की आधिकारिक घोषणा कर दी है। चुनाव दो चरणों में संपन्न होंगे। पहले चरण में प्रदेश के सभी सरकारी, निजी और अन्य मान्यता प्राप्त कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों में कैंपस अध्यक्ष का चुनाव कराया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में जिला और प्रदेश स्तर के संगठनात्मक चुनाव आयोजित किए जाएंगे। नई व्यवस्था के तहत कैंपस स्तर से नेतृत्व तैयार कर संगठन को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया है।
पहले कैंपस अध्यक्ष, फिर जिला और प्रदेश चुनाव
पहले चरण में छात्र-छात्राएं केवल अपने कॉलेज या विश्वविद्यालय के कैंपस अध्यक्ष का चुनाव करेंगे। इसी परिणाम के आधार पर संबंधित संस्थान की 11 सदस्यीय कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। कार्यकारिणी के अन्य पदों पर नियुक्तियां संगठन की निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जाएंगी।
दूसरे चरण में केवल वही उम्मीदवार जिला और प्रदेश स्तर का चुनाव लड़ सकेंगे, जो अपने-अपने संस्थानों से कैंपस अध्यक्ष निर्वाचित होंगे। मतदान का अधिकार भी सिर्फ निर्वाचित कैंपस अध्यक्षों को ही मिलेगा।
16 से 27 वर्ष आयु सीमा, 45 रुपये सदस्यता शुल्क
एनएसयूआई (NSUI Election) ने स्पष्ट किया है कि सदस्यता अभियान केवल मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से चलाया जाएगा। यूथ कांग्रेस की तरह कैंपस के बाहर सदस्य नहीं बनाए जाएंगे। चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार की आयु 16 से 27 वर्ष के बीच होना अनिवार्य है। सदस्यता शुल्क तीन वर्ष के लिए 45 रुपये निर्धारित किया गया है।
स्क्रूटनी और इंटरव्यू के बाद होगा अंतिम चयन
संगठन के अनुसार चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्वाचित प्रतिनिधियों के दस्तावेजों और पात्रता की स्क्रूटनी की जाएगी। इसके बाद इंटरव्यू आयोजित होगा। इसी प्रक्रिया के आधार पर जिला और प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों का अंतिम चयन किया जाएगा, ताकि योग्य और सक्रिय छात्र नेताओं को संगठन में जिम्मेदारी मिल सके।
कैंपस से तैयार होगी नई नेतृत्व टीम
एनएसयूआई का कहना है कि नई चुनाव प्रणाली का उद्देश्य छात्र राजनीति को फिर से कैंपस केंद्रित बनाना है। कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर सक्रिय छात्रों को नेतृत्व का अवसर मिलेगा। कैंपस से चुने गए प्रतिनिधियों को संगठनात्मक प्रशिक्षण, वैचारिक मार्गदर्शन और नेतृत्व विकास का अवसर भी दिया जाएगा, जिससे वे भविष्य में जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर संगठन की जिम्मेदारियां निभा सकें।



