सीजी भास्कर, 18 जून : कांग्रेस के फायरब्रांड राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi Raipur Visit Politics) के आगामी 21 जून को होने वाले रायपुर दौरे से पहले छत्तीसगढ़ की सियासत का पारा अचानक चरम पर पहुंच गया है। रायपुर में आयोजित होने वाले कांग्रेस के राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में राहुल गांधी शिरकत करने वाले हैं, लेकिन उनके कदम रखने से पहले ही साय सरकार के कद्दावर वन मंत्री केदार कश्यप ने एक बेहद विवादित और तीखा बयान देकर राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। मंत्री कश्यप ने राहुल गांधी के स्वागत के तौर-तरीकों को लेकर सीधे कांग्रेस कार्यकर्ताओं और उनके शीर्ष नेतृत्व पर सीधा हमला बोला है, जिसके बाद अब सूबे में एक बार फिर ‘शराब और भ्रष्टाचार’ के मुद्दे पर आर-पार की जंग छिड़ना तय माना जा रहा है।
पिछली बार बिछाए थे गुलाब, इस बार ‘दारू’ से करें स्वागत
नवा रायपुर में मीडियाकर्मियों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान वन मंत्री केदार कश्यप अपने पुराने आक्रामक अंदाज में नजर आए। जब उनसे राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ दौरे और स्वागत की तैयारियों को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “कांग्रेस अपने दिल्ली के आकाओं और शीर्ष नेतृत्व को खुश करने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। इसके लिए वो हमेशा नए-नए चाटुकारिता के तरीके अपनाती रही है।”
मंत्री कश्यप यहीं नहीं रुके, उन्होंने कांग्रेस को अतीत की याद दिलाते हुए आगे कहा, “पिछली बार जब प्रियंका गांधी रायपुर आई थीं, तो कांग्रेस के बड़े नेताओं ने अपनी वफादारी दिखाने के लिए सड़कों पर कई किलोमीटर तक गुलाब की पंखुड़ियों का कारपेट (कालीन) सजा दिया था। अब चूंकि इस बार उनके सबसे बड़े नेता राहुल गांधी आ रहे हैं, तो मेरा सुझाव है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गुलाब छोड़कर, इस बार ‘दारू’ (शराब) से अपने नेता के चरण धोकर उनका स्वागत करना चाहिए।”
5 साल के कथित शराब घोटाले को लेकर कांग्रेस को घेरा
अपने इस विवादित बयान के पीछे का तर्क देते हुए केदार कश्यप ने तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में पिछले पांच वर्षों के दौरान कांग्रेस की सरकार पूरी तरह से भ्रष्टाचार और हजारों करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले में डूबी रही। उन्होंने कहा, “जिस पार्टी ने छत्तीसगढ़ के संसाधनों को शराब के जरिए लूटा और अपनी जेबें भरीं, उनके लिए इससे बेहतर स्वागत का जरिया और क्या हो सकता है? कांग्रेस ने हमेशा जनता के हितों की बलि देकर सिर्फ अपने एक परिवार के नेताओं को खुश करने की राजनीति की है।”
हमारी सरकार में अपराधियों को संरक्षण नहीं
बैठक के बाद मंत्री कश्यप ने कोरिया जिले में रेत उत्खनन विवाद के चलते भाजपा नेता लल्ला सिंह की हुई बेरहमी से हत्या के मामले पर भी सरकार का रुख साफ किया। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर ठीकरा फोड़ते हुए कहा, “पिछली सरकार के राज में ही रेत खदानों में माफिया राज पनपा और बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन की अनियमितताएं शुरू हुईं। खदान क्षेत्रों में अपराधियों और अवैध गतिविधियों को खुली छूट मिली हुई थी, जिसके दुष्परिणाम अब सामने आ रहे हैं।” हालांकि, उन्होंने सख्त लहजे में दावा किया कि वर्तमान विष्णुदेव साय सरकार किसी भी अपराधी या अवैध कारोबार को कतई संरक्षण नहीं देगी। इस मामले में पुलिस को तत्काल सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं और दोषी पाताल से भी ढूंढ निकाले जाएंगे।
बिजली दरों के आंदोलन पर कांग्रेस को बताया ‘जमीन तलाशने वाली पार्टी’
प्रदेश में बिजली की बढ़ी हुई कीमतों को लेकर कांग्रेस द्वारा किए जा रहे चौतरफा विरोध प्रदर्शन और आंदोलन को मंत्री कश्यप ने महज एक ‘पॉलिटिकल स्टंट’ करार दिया। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता कांग्रेस के असली चेहरे को पहचान चुकी है और उन्हें सत्ता से बेदखल कर चुकी है। अब अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन को दोबारा तलाशने के लिए कांग्रेस आम जनता को बिजली दरों के नाम पर बरगलाने और भ्रमित करने का असफल प्रयास कर रही है, जिसमें वह कभी कामयाब नहीं होगी।





