सीजी भास्कर 21 अप्रैलरायपुर। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में घमासान तेज हो गया है। लोकसभा में बिल पारित नहीं हो पाने के मुद्दे पर बयानबाजी के बीच आज कांग्रेस सांसद रंजीता रंजन के बयान ने माहौल और गरमा दिया। इस पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है।
महिलाओं के साथ अन्याय का आरोप
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित नहीं होना देश की आधी आबादी के साथ अन्याय है। उन्होंने आरोप लगाया कि दशकों तक महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखा गया है।साव ने कहा कि जब नगरीय निकायों और पंचायतों में महिलाओं को आरक्षण मिल सकता है, तो विधानसभा और लोकसभा में क्यों नहीं।
कांग्रेस पर साधा निशाना
अरुण साव ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए कहा कि पिछले चार दशकों से महिलाओं को उनका अधिकार नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने महिलाओं को अधिकार दिलाने की कोशिश की, लेकिन कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने षड्यंत्र कर इसे रोक दिया।
रंजीता रंजन के बयान से बढ़ी तकरार
साव ने कांग्रेस सांसद रंजीता रंजन पर निशाना साधते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों की उपेक्षा कर उन्हें राज्यसभा भेजा गया और अब वही नेता राज्य में आकर सवाल उठा रही हैं। उन्होंने कहा कि संसद में बिल का विरोध कर उन्होंने राज्य की महिलाओं के अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया है।
विशेष सत्र बुलाने की तैयारी
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि महिलाओं की आवाज को बुलंद करने के लिए राज्य सरकार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने जा रही है। इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाने की रणनीति बनाई जा रही है।
“महिलाएं कांग्रेस को नहीं करेंगी माफ
अरुण साव ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं इस मुद्दे पर कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेंगी। उन्होंने कहा कि जो लोग महिलाओं के अधिकारों से वंचित करते हैं, उन्हें पहले जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए


