रायपुर। राजधानी रायपुर में बढ़ती बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और खराब ट्रांसफार्मरों की समस्या को लेकर रायपुर पश्चिम के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय सोमवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की। (Power crisis in the scorching heat)
भीषण गर्मी में जनता परेशान : Power crisis in the scorching heat
विकास उपाध्याय ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच अघोषित बिजली कटौती से आम नागरिकों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। लगातार बिजली गुल होने और कम वोल्टेज की समस्या के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित विभाग समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा है।
गुढ़ियारी क्षेत्र में सबसे ज्यादा समस्या
पूर्व विधायक ने बताया कि गुढ़ियारी राजधानी का घनी आबादी वाला क्षेत्र है, जहां बिजली संबंधी समस्याएं सबसे अधिक देखने को मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में यहां विद्युत सब-स्टेशन के लिए फंड स्वीकृत किया गया था, लेकिन भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण परियोजना अब तक अधूरी है।
नए सब-स्टेशन के लिए भूमि चिन्हित करने की मांग : Power crisis in the scorching heat
विकास उपाध्याय ने सुझाव दिया कि रायपुर में उपलब्ध नजूल और ट्रस्ट की जमीन का उपयोग विद्युत सब-स्टेशन निर्माण के लिए किया जा सकता है। उन्होंने गुढ़ियारी स्थित मारुति मंगलम या संजय गांधी नगर के आसपास उपलब्ध रिक्त भूमि पर तत्काल नया विद्युत सब-स्टेशन स्थापित करने की मांग की, ताकि लाखों उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।
कई इलाकों में बिजली संकट गहराया
उन्होंने बताया कि रामनगर, गोकुल नगर, कृष्णा नगर, अशोक नगर, तिलक नगर, रायपुरा, डीडी नगर, सुंदर नगर, लाखे नगर, टिकरापारा और पुरानी बस्ती समेत कई क्षेत्रों के लोग बिजली संकट से जूझ रहे हैं। इन इलाकों में बार-बार बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
बीजेपी विधायक पर साधा निशाना : Power crisis in the scorching heat
ज्ञापन सौंपने के दौरान विकास उपाध्याय ने रायपुर पश्चिम के वर्तमान बीजेपी विधायक पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है, जिसके कारण लोग अपनी शिकायतें लेकर उनके पास पहुंच रहे हैं। उपाध्याय ने कहा कि बिजली संकट का सबसे ज्यादा असर छात्रों, व्यापारियों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों पर पड़ रहा है।




