सीजी भास्कर, 7 सितंबर 2026। संपत्ति कर जांच (Property Tax Survey Raipur) में अब नगर निगम आवासीय दर्ज मकानों के वास्तविक उपयोग का मिलान अपने रिकार्ड से करेगा। शहर में मकान के नाम पर दुकान, कोचिंग सेंटर, गैरेज और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने की शिकायतों के बाद निगम ने ऐसे 10 हजार से अधिक मकानों को चिन्हित किया है। निगम का अनुमान है कि आवासीय संपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग से हर साल करीब पांच करोड़ रुपये के संपत्ति कर का नुकसान हो रहा है।
शहर के अंदरूनी हिस्सों से लेकर आउटर इलाकों तक कई जगह नीचे दुकान और ऊपर मकान का कारोबार चल रहा है। आवासीय भवन के रूप में दर्ज संपत्ति के एक हिस्से में व्यवसाय होने के बावजूद संबंधित संपत्तियों पर व्यावसायिक दर से संपत्ति कर नहीं लग पा रहा है। अब निगम मौके पर वास्तविक उपयोग की जानकारी जुटाकर रिकार्ड से उसका मिलान करेगा।
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नीचे दुकान, ऊपर मकान का कारोबार
कई रिहायशी इलाकों में संपत्ति कर जांच (Property Tax Survey Raipur) के दौरान ऐसी संपत्तियां सामने आ रही हैं, जहां भवन निगम के रिकार्ड में आवासीय दर्ज है, लेकिन उसके निचले हिस्से में दुकान या अन्य व्यावसायिक गतिविधि संचालित हो रही है।
व्यावसायिक उपयोग के बावजूद संपत्ति का कर आवासीय श्रेणी में जमा होने से निगम को अपेक्षित राजस्व नहीं मिल पा रहा है। जांच में वास्तविक उपयोग सामने आने के बाद नियमानुसार कर की श्रेणी में बदलाव किया जा सकता है।
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10 हजार से अधिक संपत्तियां चिन्हित
नगर निगम के रिकार्ड और सामने आई शिकायतों के आधार पर 10 हजार से अधिक आवासीय संपत्तियों को जांच के लिए चिन्हित किया गया है। इनमें दुकान, कोचिंग सेंटर, गैरेज समेत दूसरी व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने की जानकारी सामने आई है।
निगम अब इन संपत्तियों का मौके पर सत्यापन कराएगा। इससे यह स्पष्ट होगा कि संपत्ति का उपयोग जिस उद्देश्य के लिए दर्ज है, वास्तव में उसी के अनुरूप हो रहा है या नहीं।
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मोबाइल टावर भी जांच के दायरे में
मकानों की छतों पर लगे मोबाइल टावरों की भी जानकारी जुटाई जाएगी। संपत्ति कर जांच (Property Tax Survey Raipur) में निगम यह देखेगा कि संबंधित संपत्ति पर मोबाइल टावर लगा है या नहीं और उसके व्यावसायिक उपयोग के अनुसार संपत्ति कर जमा किया जा रहा है या नहीं।
व्यावसायिक उपयोग पाए जाने पर नियमानुसार संपत्ति कर की श्रेणी में बदलाव किया जा सकता है। इससे निगम के राजस्व में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है।
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रिहायशी इलाकों में बढ़ रहा सड़कों पर दबाव
आवासीय इलाकों में बिना पर्याप्त पार्किंग के दुकान और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने का असर यातायात पर भी पड़ रहा है। ग्राहक दुकानों के सामने सड़क पर वाहन खड़े कर देते हैं। इससे संकरी गलियों और मोहल्लों में आने-जाने की जगह कम हो जाती है।
कई जगह आड़ी-तिरछी पार्किंग के कारण रहवासियों और राहगीरों को परेशानी होती है। त्योहारों के दौरान बाजारों में भीड़ बढ़ने पर यह समस्या और गंभीर हो जाती है।
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वास्तविक उपयोग के आधार पर वसूला जाएगा कर
नगर निगम के राजस्व विभाग के अध्यक्ष अवतार भारती बागल ने कहा कि आवासीय दर्ज संपत्तियों में व्यावसायिक गतिविधियों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। चिन्हित संपत्तियों की जांच कर वास्तविक उपयोग का पता लगाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि व्यावसायिक उपयोग मिलने पर नियमानुसार संपत्ति कर की वसूली की जाएगी। मोबाइल टावर समेत अन्य व्यावसायिक गतिविधियों की भी जानकारी जुटाई जाएगी।




