सीजी भास्कर, 13 जुलाई। छत्तीसगढ़ के हजारों मेडिकल अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर सामने (Medical Colleges) आई है। लंबे इंतजार के बाद नेशनल मेडिकल कमीशन ने राज्य में पांच नए सरकारी मेडिकल कॉलेज खोलने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले से अब प्रदेश के कई ऐसे जिलों में भी मेडिकल शिक्षा की सुविधा उपलब्ध होगी, जहां अब तक छात्रों को दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था।
शैक्षणिक सत्र 2026 27 से इन कॉलेजों में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू करने की तैयारी की जाएगी। शुरुआती चरण में प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में 50 50 सीटों पर प्रवेश की अनुमति दी गई है।
इन पांच जिलों में खुलेंगे मेडिकल कॉलेज Medical Colleges
एनएमसी की स्वीकृति के बाद दंतेवाड़ा के गीदम, जांजगीर, मनेंद्रगढ़, जशपुर के कुनकुरी और कबीरधाम में नए सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। राज्य सरकार इन परियोजनाओं को जल्द शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ेगी।
पहले नहीं मिली थी मंजूरी
जानकारी के अनुसार पहले निरीक्षण के दौरान एनएमसी ने इन प्रस्तावों को मंजूरी नहीं दी थी। इसके बाद राज्य सरकार ने आयोग के समक्ष दोबारा अपील की। पुनर्मूल्यांकन और दूसरी निरीक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवश्यक मानकों को पूरा पाए जाने पर पांचों मेडिकल कॉलेजों को अनुमति पत्र जारी कर दिया गया।
50 सीटों के साथ होगी शुरुआत
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने प्रत्येक नए मेडिकल कॉलेज के लिए शुरुआती तौर पर 50 एमबीबीएस सीटों की मंजूरी दी है। यह अनुमति शैक्षणिक वर्ष 2026 27 के लिए दी गई है। भविष्य में बुनियादी सुविधाओं और संसाधनों के विस्तार के आधार पर सीटों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।
एनएमसी ने रखीं कई जरूरी शर्तें Medical Colleges
अनुमति के साथ आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी मेडिकल कॉलेजों को शिक्षण व्यवस्था, अस्पताल, फैकल्टी, उपकरण और अन्य बुनियादी सुविधाओं के निर्धारित मानकों का लगातार पालन (Medical Colleges) करना होगा।
यदि किसी भी स्तर पर गलत जानकारी देने, दस्तावेजों में गड़बड़ी या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो आयोग को अनुमति रद्द करने का अधिकार रहेगा। साथ ही सभी संस्थानों को अग्नि सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन और अन्य वैधानिक नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
मेडिकल शिक्षा को मिलेगा बड़ा विस्तार
पांच नए मेडिकल कॉलेज शुरू होने से प्रदेश में एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ेगी और दूरदराज के क्षेत्रों के छात्रों को अपने ही जिले या आसपास मेडिकल शिक्षा का बेहतर अवसर (Medical Colleges) मिलेगा। साथ ही इन जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।



