सीजी भास्कर, 26 अक्टूबर । उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के काफिले की गाड़ियां हादसे का शिकार हो गईं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, एक्सप्रेस-वे पर 91 किलोमीटर माइलस्टोन के पास काफिले की पांच गाड़ियां और एक एंबुलेंस आपस में टकरा गईं। हादसे में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों के घायल होने की खबर है। राहुल गांधी सुरक्षित बताए जा रहे हैं। फिलहाल हादसे में किसी की मौत की सूचना नहीं है। (Rahul Gandhi Convoy Accident)
राहुल गांधी सोमवार को दिल्ली से लखनऊ पहुंचे थे। इसके बाद वह लखनऊ से सुल्तानपुर जा रहे थे। इसी दौरान पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर उनके काफिले की गाड़ियां आपस में टकरा गईं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। दुर्घटना किस वजह से हुई, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
91 किलोमीटर माइलस्टोन के पास हुआ हादसा : Rahul Gandhi Convoy Accident
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर 91 किलोमीटर माइलस्टोन के पास यह दुर्घटना हुई। काफिले में शामिल पांच गाड़ियों के साथ एक एंबुलेंस भी टकरा गई। हादसे में घायल लोगों की संख्या और उनकी स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
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मानहानि मामले में सुल्तानपुर जा रहे थे राहुल गांधी
राहुल गांधी सुल्तानपुर में करीब आठ साल पुराने मानहानि मामले में अदालत में पेश होने जा रहे थे। यह मामला 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को लेकर दिए गए उनके बयान से जुड़ा है। इस बयान के बाद स्थानीय भाजपा नेता विजय मिश्रा ने 4 अगस्त 2018 को सुल्तानपुर की अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी।
दरअसल, चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने अमित शाह पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि भाजपा के अध्यक्ष हत्या के मामले में आरोपी हैं। यह टिप्पणी सोहराबुद्दीन शेख कथित फर्जी मुठभेड़ मामले के संदर्भ में की गई थी। अमित शाह को इस मामले में 2014 में मुंबई की विशेष सीबीआई अदालत ने आरोपों से मुक्त कर दिया था।
2023 में अदालत ने जारी किया था समन : Rahul Gandhi Convoy Accident
सुल्तानपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने नवंबर 2023 में इस मामले में राहुल गांधी को तलब किया था। वह 20 फरवरी 2024 को अदालत में पेश हुए थे, जहां उन्हें जमानत मिल गई थी। इसके बाद जुलाई 2024 और फरवरी 2026 में भी उन्होंने अदालत में अपना पक्ष रखा।
राहुल गांधी ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करते हुए शिकायत को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया था। मुकदमे के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से गवाह और साक्ष्य पेश किए गए। दोनों पक्षों की अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत ने 26 अक्टूबर 2026 को फैसले की तारीख तय की थी।
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