सीजी भास्कर, 21 जून : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के रायपुर दौरे को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति (Rahul Gandhi Raipur Visit) एक बार फिर गर्मा गई है। राजधानी रायपुर के अभनपुर में आयोजित कांग्रेस के 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन राहुल गांधी आज प्रदेश कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच मौजूद रहेंगे। उनके दौरे को लेकर कांग्रेस जहां संगठनात्मक मजबूती का संदेश देने की तैयारी में है, वहीं भाजपा ने इसे लेकर राजनीतिक हमला तेज कर दिया है।
राहुल गांधी के आगमन से पहले ही प्रदेश का सियासी माहौल गरमा गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि जहां-जहां राहुल गांधी जाते हैं, वहां कांग्रेस का क्या हाल होता है, यह पूरा देश देख चुका है।
करीब साढ़े पांच घंटे शिविर में रहेंगे राहुल गांधी
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राहुल गांधी रायपुर पहुंचने के बाद अभनपुर स्थित कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर में शामिल होंगे। वे करीब साढ़े पांच घंटे तक शिविर में मौजूद रहेंगे और पार्टी के जिला अध्यक्षों, संगठन पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों तथा कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे।
बताया जा रहा है कि राहुल गांधी संगठन की मजबूती, बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता, आगामी चुनावी चुनौतियों और पार्टी की भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा करेंगे। शिविर के दौरान कार्यकर्ताओं को राजनीतिक प्रशिक्षण के साथ संगठनात्मक जिम्मेदारियों को लेकर भी मार्गदर्शन दिया जाएगा।
कांग्रेस का फोकस संगठन विस्तार पर
कांग्रेस द्वारा आयोजित यह 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि मजबूत संगठन ही भविष्य के चुनावों में सफलता की कुंजी साबित होगा।
शिविर में कार्यकर्ताओं को जनसंपर्क, सोशल मीडिया, बूथ प्रबंधन, चुनावी रणनीति और जनहित के मुद्दों पर प्रभावी ढंग से काम करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कांग्रेस नेतृत्व का प्रयास है कि संगठन को गांव-गांव और बूथ स्तर तक सक्रिय बनाया जाए।
मुख्यमंत्री साय ने साधा राजनीतिक निशाना
राहुल गांधी के दौरे को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी जहां भी जाते हैं, वहां कांग्रेस की स्थिति क्या होती है, यह देश के सामने है। उन्होंने कहा कि जनता कांग्रेस की नीतियों और नेतृत्व को लगातार नकार रही है। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने भी भाजपा के आरोपों का जवाब देने की तैयारी शुरू कर दी है।
राहुल के दौरे पर टिकी राजनीतिक नजरें
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी का यह दौरा केवल प्रशिक्षण शिविर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए कांग्रेस आगामी राजनीतिक रणनीति का संदेश भी देना चाहती है। छत्तीसगढ़ में संगठन को पुनर्गठित करने और कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भरने के प्रयास के रूप में भी इस दौरे को देखा जा रहा है। अब सभी की नजरें राहुल गांधी के संबोधन पर टिकी हैं कि वे प्रदेश कांग्रेस के लिए क्या संदेश देते हैं और आगामी चुनावों को लेकर किस प्रकार की रणनीति सामने रखते हैं।





