सीजी भास्कर, 25 अगस्त : राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट में देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब परिसर में एक लावारिश बैग दिखाई दिया। बैग में बम होने की आशंका ने सुरक्षाकर्मियों और यात्रियों की सांसें अटका दीं।
देखते ही देखते एयरपोर्ट के सुरक्षाकर्मी और माना पुलिस मौके पर पहुंच गए। लगभग आधे घंटे तक बैग की बारीकी से जांच की गई। इस दौरान सभी को शक था कि इसमें विस्फोटक हो सकता है, लेकिन जब बैग के अंदर यात्री का सामान्य सामान निकला तो अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
बाद में जानकारी मिली कि यह घटना एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से कराई गई मॉकड्रिल थी (Bomb Scare)।
माना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, रात 11 बजे एयरपोर्ट परिसर में सुरक्षा गश्त के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने लावारिश बैग देखा। बैग बेल्ट्स से बंधा हुआ था, जिससे शक और गहरा गया।
जब यात्रियों और स्टाफ से पूछा गया तो किसी ने भी बैग के बारे में जानकारी नहीं दी। तत्काल सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करते हुए बैग को घेर लिया गया और पुलिस को बुलाया गया।
करीब आधे घंटे चली इस प्रक्रिया में माना पुलिस और एयरपोर्ट सुरक्षा कर्मियों ने बैग को नियंत्रित किया और जांच की। बैग खोलने पर सामान्य सामान निकला।
इसके बाद एयरपोर्ट परिसर में फैला तनाव कुछ कम हुआ। लेकिन आधी रात तक एयरपोर्ट पर अलर्ट जारी रहा। अंततः पता चला कि यह पूरी घटना एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा की गई सुरक्षा मॉकड्रिल का हिस्सा थी (Airport Security Drill)।
सुरक्षा को लेकर मॉकड्रिल क्यों जरूरी
एयरपोर्ट अथॉरिटी ने इस मामले में आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हालांकि सूत्रों ने बताया कि इस तरह की मॉकड्रिल समय-समय पर सुरक्षा की जांच-परख के लिए की जाती है।
इनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि यदि कभी वास्तविक बम धमकी जैसी परिस्थिति बने तो सुरक्षा एजेंसियां कितनी मुस्तैदी से प्रतिक्रिया देती हैं।
ज्ञात हो कि देशभर के कई एयरपोर्ट्स और बड़े शहरों में समय-समय पर बम की धमकियां मिलती रहती हैं।
जांच एजेंसियां इन मामलों को गंभीरता से लेती हैं। रायपुर एयरपोर्ट पर देर रात आयोजित मॉकड्रिल इसी सुरक्षा रणनीति का हिस्सा थी, ताकि भविष्य में किसी भी संभावित खतरे से यात्रियों को सुरक्षित रखा जा सके।