सीजी भास्कर, 12 जुलाई। बीमारी से जूझ रहे निराश्रित मरीजों के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल (Raipur Ambedkar Hospital) के कर्मचारियों ने इंसानियत की मिसाल पेश की है। अस्पताल में भर्ती ऐसे मरीज, जिन्हें उनके परिजन छोड़कर चले गए या जिनकी पहचान नहीं हो सकी, उनकी देखभाल अब अस्पताल कर्मी अपने परिवार की तरह कर रहे हैं।
निराश्रित मरीजों की बन रहे सहारा
रायपुर जिले के डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल (Raipur Ambedkar Hospital) के डिसेबल पीपुल वार्ड में वर्तमान में 15 से 20 ऐसे मरीज भर्ती हैं, जिनका अपने परिवार से कोई संपर्क नहीं है। कई मामलों में परिजन होने के बावजूद मरीजों को लेने कोई नहीं पहुंचता। ऐसे में वॉर्ड बॉय भरत बुंदेल और उनकी टीम ने उनकी देखभाल की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा ली है।

ड्यूटी के बाद भी कर रहे सेवा
अस्पताल कर्मचारी अपनी नियमित ड्यूटी पूरी करने के बाद भी मरीजों को नहलाने, कपड़े बदलवाने, बाल और नाखून काटने, शेविंग कराने, डायपर बदलने तथा व्यक्तिगत स्वच्छता का पूरा ध्यान रखते हैं। अस्पताल के अन्य कर्मचारी भी कपड़े, साबुन, शैंपू, ट्रिमर और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराकर इस सेवा अभियान (Patient Care) में सहयोग कर रहे हैं।
कोरोना काल से शुरू हुई पहल : Raipur Ambedkar Hospital
भरत बुंदेल ने बताया कि कोरोना काल के दौरान सेवा कार्य करते समय उन्हें महसूस हुआ कि कई मरीजों का इलाज तो हो जाता है, लेकिन उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं होता। इसी अनुभव के बाद उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर निराश्रित मरीजों की सेवा का अभियान शुरू किया। इलाज पूरा होने के बाद भी जिन मरीजों के परिजन नहीं आते, उन्हें विशेष वार्ड में रखकर उनके परिवार का पता लगाने का प्रयास किया जाता है।
15 से अधिक मरीजों को मिल चुका परिवार : Raipur Ambedkar Hospital
अस्पताल प्रबंधन और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से पिछले कुछ महीनों में 15 से अधिक निराश्रित मरीजों को उनके परिवार तक पहुंचाया जा चुका है। भरत बुंदेल का कहना है कि मरीजों के चेहरे पर लौटती मुस्कान ही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है।
इस सेवा कार्य में जनसंपर्क अधिकारी शुभ्रा सिंह ठाकुर, नम्रता डेनियल, जॉली सुमन, केएल बिरला, सुजाता, ममता साहू, हरिशंकर साहू, दशरथ बेहरा, अमर समुंद्रे, ढलारी नेताम, मंगली जंघेल, रामेश्वर चंद्रा, मनोज बेहरा, बलराम साहू और हेमेश वर्मा सहित कई कर्मचारी सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं।
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